रामनगर (नैनीताल)। कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों को भ्रमण कराने और विभागीय गश्त में मदद करने वाली तीन पालतू हथिनियां सोनाकली, पवनपरी, लक्षमा आखिरकार मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गईं। कार्यक्रम के दौरान तीनों ने अपनी-अपनी सूंड़ उठाकर पार्क को अलविदा कहा। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में पहुंचे वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी तीनों को सलामी दी और उनको पसंदीदा केले और गुड़ खिलाए।
बीते दिनों आए आदेश के बाद पार्क प्रशासन ने पहली बार 60 वर्ष पूरी कर चुकीं तीन हथिनियों सोनाकली, पवनपरी, लक्षमा को सेवानिवृत्त करने का फैसला लिया था। मंगलवार को धनगढ़ी गेट पर आयोजित विदाई समारोह में वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि किसी जानवर को 60 वर्ष से अधिक उम्र पार करने पर सेवानिवृत्त करने का मामला राज्य में पहली बार हुआ है। इससे पहले उन्होंने राजाजी पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम में हाथी के तीन बच्चों का नामकरण संस्कार भी कराया था। यह दोनों देश के कई राज्यों के लिए उदाहरण साबित होंगे। सेवानिवृत्त हथिनियों को कालागढ़ में रखा जाएगा। इनकी देखभाल वन विभाग करेगा। उन्होंने हथिनियों के जीवन परिचय पढ़कर महावतों को विदाई पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ. दिग्विजय सिंह खाती, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक सुरेंद्र मेहरा, उपनिदेशक अमित वर्मा, डीएफओ नेहा वर्मा, डीएफओ डीके सिंह, एसडीओ शिवराज चंद, रेंजर बिजरानी राजकुमार, संजय पांडे, एमएस मावड़ी आदि थे।
धनगढ़ी म्यूजियम का लोकार्पण किया
रामनगर (नैनीताल)। वन मंत्री ने धनगढ़ी स्थित म्यूजियम के जीर्णोधार का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर म्यूजियम में पार्क में मिलने वाले सभी वन्य जीवों को पर्यटकों के अवलोकन के लिए रखा गया है वहीं एक दीवार पर पार्क में शहीद हुए विभागीय कर्मचारियों की फोटो लगाई गई है। हाइटेक म्यूजियम में पर्यटक पार्क के इतिहास से भी रूबरू होंगे। अमर उजाला