गरुड़(बागेश्वर)। जिले में चार माह से बारिश नहीं होने से रबी की फसल को काफी क्षति पहुंची है। असिंचित इलाके के अधिकांश खेतों में आज तक गेहूं और दलहनी फसलों में अकुंर तक नहीं आ पाया है। काश्तकारों ने राज्य सरकार से जिले को सूखा घोषित करने की मांग की है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में मात्र पांच हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित हैं और ग्यारह हजार हेक्टेयर भूमि असिंचित है। सितंबर के बाद बारिश नहीं होने से असिंचित इलाके में फसल को भारी क्षति पहुंची है। पप्या गांव निवासी काश्तकार एवं पूर्व प्रधान गोपाल सिंह परिहार, कांटली गांव के ललित कांडपाल, मेलाडुंगरी के बलवंत भंडारी, अणां के दौलत सिंह किरमोलिया ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने से अधिकांश खेतों में आज तक गेहूं और दलहनी फसलों में अकुंर तक नहीं आया है। गेहूं के जो पौधे उगे हैं, बारिश नहीं होने से वह पीले पड़ गए हैं।
किसान क्लब देवनाई के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया ने बताया कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते अधिकांश नहरों में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जिसके चलते अधिकांश काश्तकार अपने खेतों को आज तक सींच नहीं पाए हैं। जिला कृषि अधिकारी बीपी मौर्य ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने से सिंचित और असिंचित इलाके में फसल को क्षति पहुंची है। कृषि, उद्यान और राजस्व विभाग सूखे का सर्वेक्षण कर रहे हैं। जिसकी रिपोर्ट शासन को शीघ्र भेज दी जाएगी।