नैनीताल। सरकारी अस्पताल में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ का अजीबोगरीब वाक्या सामने आया है। मरीज का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए भर्ती कर रात भर भूखा रखा गया, दवाइयां मंगाई और बाद में ऑपरेशन नहीं किया। इसको लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने अस्पताल में हंगामा काटा। इधर चिकित्सकों ने मरीज की ऑपरेशन तक दिल की धड़कन सामान्य नहीं होने की बात कही है।
आनंद प्रकाश (47) निवासी सात नंबर स्टाफ हाउस उच्च न्यायालय में दिहाड़ी पर बढ़ई का काम करता है। प्रकाश के गाल ब्लैडर में पथरी है। बीती एक जनवरी से तेज दर्द होने पर वह बीडी पांडे जिला अस्पताल में पहुंचा। जहां उसकी कई जांचें कराई गईं। बाद में चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर पथरी निकालने की सलाह दी। इस पर वह मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती हो गया। साथ में उसके पत्नी सुनीता देवी, भाई गोविंद एवं भाभी पद्मा देवी भी तीमारदारी को पहुंचीं। मरीज ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात को यह कहकर खाना नहीं दिया गया कि बुधवार की सुबह उसका ऑपरेशन किया जाएगा। फिर अनीमा लगाकर पेट भी साफ किया गया। बुधवार की सुबह उससे दवाइयां भी मंगा ली गई और ऑपरेशन करने के लिए कपड़े पहना दिए गए। इसके बाद जब वह अंतिम जांच के लिए बेहोश करने वाले चिकित्सक के डॉ. एचसी भट्ट के पास पहुंचा तो उन्होंने गंभीर हालत बताते हुए आपरेशन से इंकार कर दिया और राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी में उपचार कराने की सलाह दी। आपरेेशन नहीं किए जाने की बात सुनकर रात से भूखे मरीज और तीमारदारों का पारा चढ़ गया। उन्होंने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल मे हंगामा काटना शुरू कर दिया। शिकायत पर भाजपा महिला मोर्चा के सदस्य भी पहुंच गए और चिकित्सकों का घेराव किया। बाद में मरीज ने ही जिला अस्पताल में उपचार कराने से इनकार कर दिया। घेराव करने वालों में रीना महरा, ममता साह, रजनी चौधरी, हीरा नयाल आदि शामिल थीं।
धड़कन गायब हो रही थी
मरीज की धड़कन बीच बीच में गायब हो रही है, साथ ही सांस लेने के दौरान आने वाली आवाज भी ठीक नहीं है। बीडी पांडे जिला अस्पताल में सामान्य एनस्थीसिया की सुविधा नहीं है इतनी गंभीर बीमारी में स्पाइनल एनस्थीसिया देना ठीक नहीं समझा, इसलिए राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी रेफर किया गया था। - डॉ. एचसी भट्ट, एनस्थीसिया चिकित्सक
आरोप निराधार है
आनंद प्रकाश का ऑपरेशन किया जाना था लेकिन दिल की धड़कन व सांस की बीमारी आने पर मना किया गया है उपचार में लापरवाही के आरोप बिल्कुल निराधार है। - डॉ. वीके मिश्रा, सर्जन