नैनीताल। उच्च न्यायालय ने जमीन के एक मामले में हरिद्वार नगर निगम को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने यशपाल राणा को भी नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी विजय सैनी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर निगम ने हरिद्वार के अंतर्गत सुनीता देवी को 35 वर्ग मीटर जमीन लीज पर दी थी। सुनीता देवी की 1997 में मृत्यु हो गई। इस बीच एक प्रभावशाली व्यक्ति ने इस जमीन पर कब्जा कर इसका बैनामा भी अपने नाम करा लिया। इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी हरिद्वार से की। जिलाधिकारी के स्तर से इसकी जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाई गई। जिला स्तर से इस प्रकरण को कार्रवाई के लिए शासन को भेजा गया, लेकिन इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कब्जा करने वाले व्यक्ति ने यहां शॉपिंग कांपलेक्स बनाकर बेच भी दिया। इससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान हुआ है। याची ने उच्च स्तरीय जांच के साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की। खंडपीठ ने नगर निगम को चार सप्ताह में जवाब पेश करने का निर्देश देते हुए विपक्षी यशपाल राणा को नोटिस जारी किया है।