पतलोट (नैनीताल)। पहाड़ के जिलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हो गई। इसके चलते छात्र-छात्राएं विद्यालयों से टीसी काटकर गांवों से पलायन को मजबूर हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार, शासन, शिक्षा विभाग जिम्मेदारी से बच रहा है।
आलम यह है कि कई हाईस्कूलों में शिक्षकों की संख्या शून्य हो गई है। माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश के 95 ब्लॉक में वर्ष 2015 में गेस्ट टीचर की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। राज्यभर में 85000 आवेदन मिले। इनमें से 6214 गेस्ट टीचरों को वर्ष 2015 में 89 दिन के लिए प्रथम नियुक्ति मिली थी, इनकी सेवा अवधि 31 मार्च 2016 तक के लिए बढ़ा दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने गेस्ट शिक्षकों को 31 मार्च 2018 तक रखने की अनुमति दी है। 31 मार्च 2018 तक के शिक्षा सत्र में 1683 सहायक अध्यापक 2683 प्रवक्ताओं की नियुक्ति मिली जबकि 300 से अधिक शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन तक नहीं हो पाया। ओखलकांडा ब्लॉक में 31 मार्च तक 95 से अधिक अतिथि शिक्षक तैनात थे। शिक्षकों के 130 से अधिक पद खाली होने के कारण कुछ हाईस्कूलों में एक-दो शिक्षक ही तैनात हैं। जीजीआईसी काशीपुर में 14 पद खाली हैं। इससे पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। जीआईसी चकडोबा के पीटीए अध्यक्ष गोपाल सिंह नगदली ने शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।
ओखलकांडा ब्लॉक समेत गढ़वाल के पौड़ी, चमोली जिलों में शिक्षकों के पद खाली
ओखलकांडा के माध्यमिक विद्यालयों में 130, अतिथि शिक्षकों के 95 पद खाली
गढ़वाल जिलों में शिक्षकों का अभाव
चमोली जिले के घाट ब्लॉक में 31 मार्च को अतिथि शिक्षक हटने के बाद इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के सभी पद खाली हो गए हैं। पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के इंटर कॉलेज विडोली में प्रवक्ता के आठ, सहायक अध्यापकों के तीन पद खाली हैं। भिलंगना ब्लॉक में 31 मार्च 2018 तक 110 शिक्षक नियुक्त थे। भिलंगना विकासखंड के बीईओ शशिकांत अंथवाल ने बताया कि पिछड़ा ब्लॉक होने के चलते माध्यमिक विद्यालयों में 100 सहायक अध्यापक, 100 से अधिक प्रवक्ताओं के पद खाली है। चमोली ब्लॉक घाट के बीईओ अमर बहादुर सरोज के मुताबिक पगना, बुरा, सितेल, चानघाट, बांसबगड़, बालिका इंटर कॉलेज में इतिहास के प्रवक्ता के पद में एक ही प्रवक्ता है।
शिक्षकों की नई भर्ती में दो-तीन साल का समय लग सकता है। माध्यमिक स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यायालय में याचिका लगाई गई है।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड।
सरकार और शिक्षा विभाग अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर ठोस कदम उठाए और बच्चों के भविष्य को बचाने में सहयोग करे।
- विवेक यादव, प्रदेश अध्यक्ष अतिथि शिक्षक संघ, उत्तराखंड।