हल्द्वानी। जहां एक ओर उच्चशिक्षा विभाग ने राजकीय महाविद्यालयों में विविध शुल्क में बढ़ोतरी कर उच्चशिक्षा को महंगा किया है वहीं, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने फीस 50 फीसदी तक कम कर दी है।
मुक्त विवि से पढ़ने वाले बीएससी के विद्यार्थियों को तीन वर्ष में 24 हजार फीस अदा करनी होती थी, अब केवल 12 हजार देनी होगी। इसी तरह एमएससी (दो वर्ष) की फीस 30 हजार से घटाकर 16000 कर दी गई है। एमए (एमजेएमसी) पाठ्यक्रम की फीस प्रति सेमेस्टर 4000 रुपये से घटाकर 2500 की गई है। विश्वविद्यालय के इस फैसले को कार्य परिषद ने हरी झंडी दे दी है। फीस की नई दरें नए शिक्षा सत्र जुलाई से लागू होंगी।
बीएससी और एमएससी के छात्रों को होगा फायदा
213 अध्ययन केंद्रों पर पंजीकृत हैं 48,515 विद्यार्थी
पाठ्यक्रम प्रति वर्ष फीस
पहले अब
बीएससी (जेडबीसी) 8000 4000
बीएससी (पीसीएम) 8000 4000
एमएससी 15000 8000
एमए (एमएजेएमसी) 4000 प्रति सेमेस्टर 2500
पीजीडीबीजे 4000 प्रति सेमेस्टर 2500
सीएमएम 3000 छह माह कोर्स 2000
कंप्यूटर साइंस एवं आईटी 3500 प्रति सेमेस्टर 2000
सर्टिफिकेट ऑफ ई-गवर्नेंस
एंड साइबर सिक्योरिटी 5000 2500
लेकिन योग की फीस बढ़ी
हल्द्वानी। विश्वविद्यालय ने एमए योग की फीस में साल में 500 बढ़ाकर 8500 रुपये कर दी है। पहले यह 8000 रुपये थी। कुलसचिव प्रो. आरसी मिश्रा ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में कार्यशाला अधिक होने के चलते ऐसा किया गया है।
पर्वतीय दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्चशिक्षा का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से पाठ्यक्रमों की फीस कम की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्चशिक्षा का प्रसार हो, इस संकल्प के तहत ही तीन वर्षों में किसी पाठ्यक्रम की फीस नहीं बढ़ाई।
- प्रो. नागेश्वर राव, कुलपति यूओयू