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कुमाऊं में आठ हजार हैक्टेयर में हो रही है जैविक खेती

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हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट में जैविक खेती को बढ़ावा देने की घोषणा के बाद कृषि वैज्ञानिकों, किसानों को उम्मीद है कि इससे पहाड़ में जैविक खेती के दिन बहुरेंगे।
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कृषि विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें को तराई भाबर को छोड़कर कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में केवल 8000 हेक्टेयर भूमि में ही जैविक खेती हो रही है। यहां जैविक खेती से करीब 12 हजार किसान जुड़े हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अंजुली अग्रवाल कहती हैं कि अब केंद्र सरकार के बजट में जैविक खेती को बढ़ावा देने, महिलाओं को जैविक खेती से जोड़ने, आलू, प्याज, बांस की खेती को बढ़ावा देने, संकुल आधारित खेती के साथ ही संगठित खेती को बढ़ाने की बात की है तो पहाड़ में जैविक खेती के दिन बहुरने की उम्मीद की जा सकती है। उनका कहना है कि पहाड़ में जैविक खेती हो सकती है। जैविक उत्पादों का बाजार मूल्य भी रासायनिक उत्पादों से अधिक होता है लेकिन विपणन की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिलता है। किसानों का कहना है कि पहाड़ में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से विभाग को पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है लेकिन यदि केंद्र सरकार राज्य को पर्याप्त बजट दिलाने के साथ ही राज्य सरकार किसानों को आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण देने के साथ साथ जैविक उत्पादों के विपणन की पुख्ता व्यवस्था करें। यदि ऐसा हुआ तो कुमाऊं में जैविक खेती की तस्वीर को बदला जा सकता है।

तराई में चुनौती समान है जैविक खेती को बढ़ावा देना
हल्द्वानी। कुमाऊं के मैदानी भूभाग में कृषि कार्य में रासायनिक खादों का ही अधिकतम प्रयोग होता है, लिहाजा ऐसे में विभाग के लिए मैदानी क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देना किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकारियों की मानें तो चूंकि मैदानी क्षेत्र के किसान रासायनिक खाद का वर्षों से उपयोग कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें जैविक खेती की ओर मोड़ना कठिन है।
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कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में जैविक खेती की असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि यहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता है। बजट में जैविक खेती को बढ़ावा देने समेत किसानों के हित में की गई घोषणाओं का लाभ किसानों तक पहुंचे इस दिशा में विभागीय स्तर पर पहल की जाएगी।
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- पीके सिंह
संयुक्त निदेशक कृषि कुमाऊं मंडल।
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