हल्द्वानी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली ठीक नहीं है, इसमें बदलाव की जरूरत है। उन्होंने बताया कि भाजपा की केंद्र सरकार को विद्यार्थी परिषद की ओर से सुझाव दिया गया है कि सुलभ शिक्षा के लिए रेगुलेशन बनाया जाए। विद्यार्थी परिषद ने प्रधानमंत्री को यह भी सुझाव दिया है कि देश भर में कक्षा आठ से ही बच्चों के लिए स्किल शिक्षा अनिवार्य रूप से लागू की जाए, ताकि विद्यार्थियों को हुनरमंद होने पर रोजगार के लिए न भटकना पड़े। लक्ष्मी शिशु मंदिर में विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में नागपुर से भाग लेने आए राष्ट्रीय संगठनमंत्री सुनील आंबेकर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार को यह भी सुझाव दिया गया है कि जीएसटी की भांति शिक्षा के लिए भी सभी राज्यों की राष्ट्रीय स्तर पर परिषद का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद महंगी शिक्षा के खिलाफ है, शिक्षा ऐसी हो कि जो गरीब को भी मिल सके। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं की संवेदनाएं जगाने के लिए अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता सात दिन तक गांव में रहते हैं और वहां की समस्याओं को समझते हैं। लोगों से मिलते हैं, दुख दर्द बांटते हैं। उन समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
महाविद्यालयों में सेमेस्टर प्रणाली थोपने का विरोध
हल्द्वानी। विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अधिवेशन में तीसरे दिन उत्तराखंड का वर्तमान परिदृश्य एवं वर्तमान शिक्षा की दशा एवं दिशा विषय पर दो प्रस्ताव संशोधनों के साथ पारित किए गए। प्रस्तावों में महाविद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को पूरा किए बगैर यूजीसी के दबाव में सेमेस्टर प्रणाली थोपने का विरोध किया गया। प्रदेश मंत्री सुधीर जोशी ने बताया कि सेमेस्टर प्रणाली का विरोध किया जाएगा।