हल्द्वानी। पब्लिक स्कूलों में सुरक्षा के सारे नियम कायदे हवा में ही हैं। नियमों के अनुसार स्कूल की बस हो या फिर वैन, चालक और परिचालक दोनों ही वर्दी में होने चाहिए। दोनों के गले में परिचयपत्र भी लटका होना चाहिए ताकि किसी भी अभिभावक को दोनों का नाम-पता मालूम हो सके। लेकिन ज्यादातर स्कूल बस और वैन में सरकार के इन नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
एआरटीओ गुरुदेव सिंह ने बताया कि स्कूल बस चालक का अनुभव कम से कम पांच वर्ष होना अनिवार्य है। अगर कोई बिना अनुभव के बस चलाता है तो गलत है। बस या वैन दोनों में फर्स्टएड बाक्स के साथ ही अग्निरोधक उपकरण भी होना अनिवार्य है। बस में बच्चों को ठूंसकर नहीं बैठाया जा सकता।
स्मार्ट क्लास के नाम पर वसूलते हैं फीस पर इससे पढ़ाते नहीं
हल्द्वानी। स्कूलों में स्मार्ट क्लास के नाम पर मासिक फीस के साथ फीस तो वसूली है। कक्षा में डिजिटल बोर्ड तो लगाए गए मगर उसके माध्यम से पढ़ाई नहीं होती। शिक्षा विभाग और प्रशासन ने इसकी चेकिंग आज तक कभी नहीं।
अभिभावक शिक्षक संघ का गठन नहीं हुआ
हल्द्वानी। सभी निजी एवं पब्लिक स्कूलों को हर हाल में अपने यहां अभिभावक शिक्षक संघ का गठन करना होगा और कोई भी पब्लिक स्कूल पीटीए की बिना सहमति के फीस नहीं बढ़ाएंगे। जो स्कूल निर्देशों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह हिदायत सात जुलाई को क्वींस स्कूल में प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा बुलाई गई बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय, एसडीएम एपी बाजपेयी और मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने पब्लिक स्कूल संचालकों को दी थी मगर आज तक किसी स्कूल ने पीटीए का गठन नहीं किया तथा अपनी प्रबंध संचालन समिति में अपने परिचित का अभिभावक के रूप में सदस्य दर्शाकर खानापूरी कर दी जाती है।