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शास्त्रीय संगीत के उन्नति पर काम करने की जरूरत

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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज का सभागार शनिवार की शाम शास्त्रीय संगीत की धुनों और रंगारंग कार्यक्रमों से गूंज उठा। मौका था मल्लिका लोक कला समिति की ओर से आयोजित अखिल भारतीय उत्तराखंड सुर रत्न-2017 का। प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुती से सभागार में मौजूद हर किसी का दिल जीत लिया। दो दिवसीय कार्यक्रम में उत्तराखंड के अलावा उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
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शास्त्रीय गायन में गायकों ने एक से एक तान छेड़कर रसिक जनों को भाव विभोर कर दिया। युवा और किशोर वर्ग के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। वक्ताओं ने शास्त्रीय संगीत को भारत की प्राचीन और विधा बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। कार्यक्रम में लेखिका डॉ. दीपा जोशी की पुस्तक ‘संगीत कौस्तुभ’ का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर डॉ. निर्मला जोशी, डॉ. मुकेश पंत और जनमोहन परगाई को सम्मानित किया गया। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक श्रम आयुक्त एनसी कुलाची ने किया। अध्यक्षता मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंद्रप्रकाश भैसोड़ा ने की। उद्घाटन समारोह में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को आना था मगर किसी कारणवश वह नहीं आ सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष रितेश जोशी, कार्यक्रम संयोजक चंद्रप्रकाश तिवारी, उपाध्यक्ष नंद किशोर पांडे, सचिव विकास जोशी, मयंक भट्ट, जगमोहन परगाई, राम लोहनी, दीपा नंदा, सोनू पेटशाली, गंगा तमांग, हिमांशु बिष्ट, हिमांशु जोशी, नितेश बिष्ट, विनय फुलारा, मोहन लोशाली, मुकुल जोशी, संजय बिष्ट, गणेश कार्की, नितिन भट्ट का सहयोग रहा। समापन डॉ. चंद्रशेखर तिवारी ने किया। रविवार को लोक गायन और सुगम गायन की प्रतियोगिताएं होंगी।
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