पंतनगर। पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रकाशन निदेशालय की ओर से हिंदी सप्ताह के अंतर्गत काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का शुभारंभ रामपुर के कवि जितेंद्र कमल आनंद ने मां शारदा की वंदना से किया। उन्होंने अपनी कविता ‘जो पिता से प्यार करतीं वे हमारी बेटियां हैं’ का लयबद्ध गायन किया।
बाजपुर के कवि विवेक चौहान ने ‘उठी गर जो तिरंगे पर कभी उंगली किसी की तो, कसम मां भारती की हाथ उसका काट देंगे हम’, गदरपुर के सुबोध कुमार शर्मा ने ‘आओ ऐसा काम करें, हिंदी का सम्मान करें’, पंतनगर के केपी सिंह ‘विकल’ ने ‘हमारी जान है, ईमान है, पहचान है हिंदी, यहां के नौजवानों की मधुर मुस्कान है हिन्दी’, पंतनगर की अरुणा मल्ल ने ‘आओ इतिहास के पृष्ठ खोलें, आंसुओं से जो लिखे हुए हैं’ सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।
इसके अलावा सुल्तानपुर पट्टी के खालिद सुल्तानपुरी, पंतनगर के ओम शंकर मिश्रा, हल्द्वानी की प्रीति जोशी सयाल, काशीपुर के तकी बाजपुरी और विवेक प्रजापति, हल्द्वानी के वेद प्रकाश अंकुर, काशीपुर के जयंत शाह, पंतनगर के डॉ.प्रमोद मल्ल, डॉ.वीरेंद्र कुमार, उमाशंकर साहिल, यशवंत सिंह ने भी कविता पाठा किया। प्रभारी अधिकारी प्रकाशन डॉ. नरेश कुमार ने सभी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।