बाजपुर। बुक्सा बाजार की दुकानों पर गैर समाज के लोग काबिज होने के मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर की गई। इससे गैर बुक्सा समाज के काबिज दुकानदारों में खलबली मची है। मामले की सुनवाई 24 अगस्त को होनी है। बुधवार को एसडीएम पीएस राणा ने दोनों पक्षों के लोगों से अलग-अलग बातचीत की।
× बुक्सा बाजार की दुकानों को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर
× गैर बुक्सा समाज के काबिज दुकानदारों में खलबली मची
बताते हैं कि 1981 में अनुसूचित जनजाति विकास निगम की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के शासनकाल में तहसील के सामने मेन रोड पर बुक्सा बाजार की 14 दुकानों का निर्माण किया गया था। वर्ष 1983 में बुक्सा समाज के लोगों को 12 दुकानों का आवंटन हुआ। शेष दो दुकानों का आवंटन वर्ष 2014 में किया गया। वर्तमान में बुक्सा बाजार की अधिकांश दुकानों पर गैर बुक्सा समाज के लोग काबिज बताए गए हैं।
एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि बुक्सा समाज के लोगों की ओर से हाईकोर्ट में रिट दायर की गई है, जिसमें कुमाऊं मंडल विकास निगम, डीएम और एसडीएम को पार्टी बनाया गया है। एसडीएम ने बताया कि दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत कर जनरल सूचना हाईकोर्ट के उपमहाधिवक्ता को भेजी गई है। दुकानों का किराया और नगर पालिका में हाउस टैक्स भी जमा किया जा रहा है। कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन होगा।