नैनीताल। हाइकोर्ट के निर्देश पर दिनों-दिन बढ़ रही पार्किंग व ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए आईआईटी दिल्ली की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को नैनीताल पहुंच गई है। टीम ने पहले दिन वर्तमान में उपलब्ध और संभावित पार्किंग स्थलों का निरीक्षण किया।
आईआईटी दिल्ली के सिविल एंड ट्रांसपोर्ट इंजीनियरिंग विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर गीतम तिवारी, प्रो.दिनेश मोहन व सहायक प्रोफेसर केएन झा शनिवार को दोपहर तीन बजे नैनीताल पहुंचे। सदस्यों ने डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी व पुलिस कप्तान जनमेजय खंडूरी की मौजूदगी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ करीब आधे घंटे पार्किंग व ट्रैफिक प्लान को लेकर विचार विमर्श किया। बैठक में डीएम व पुलिस कप्तान ने आईआईटी के विशेषज्ञों को बताया कि पर्यटक सीजन के समय नैनीताल में पार्किंग की कमी व जरूरत से ज्यादा प्रवेश करने वाले वाहनों के दबाव की वजह से ट्रैफिक की समस्या बेहद जटिल हो जाती है।
डीएम ने दिल्ली के विषय विशेषज्ञों से वर्तमान में मौजूद व संभावित पार्किंग स्थलों की जानकारी देते हुए उनके अधिकतम उपयोग पर राय देने का आग्रह किया। बैठक में एडीएम हरवीर सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह, एएसपी हरीश चंद्र सती, आरटीओ राजीव मेहरा, एआरटीओ गुरविन्दर सिंह, उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी,नगर पालिका के ईओ रो हिताश शर्मा, जेई डीएस मेहरा, लोनिवि के ईई चंदन सिंह नेगी मौजूद थे।
तात्कालिक व दीर्घकालिक राय देनी है विशेषज्ञों को : डीएम
डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि ट्रैफिक व पार्किंग की समस्या के हल के लिए विषय विशेषज्ञों को तात्कालिक व दीर्घकालिक अलग-अलग राय देनी है। पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता में डीएम ने कहा कि पर्यटन सीजन में वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने, नैनीताल में वाहनों के कम से कम प्रवेश होने के लिए वैकल्पिक उपाय तलाशे जा रहे हैं। कहा कि प्रशासन ने नैनीताल से बाहर आधा दर्जन संभावित पार्किंग स्थल चिन्हित किए हैं। इसमें नारायणनगर, खुर्पाताल बाइपास, कैलाखान कैंट व भवाली में दो स्थान उपयुक्त हैं।