नैनीताल। अभाविप और भाजपाइयों ने स्थानीय छात्रों को एडमिशन में वरीयता देने की मांग को लेकर कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में रजिस्ट्रार प्रो.डीसी पांडेय का घेराव किया। उन्होंने आदेश जारी न होने तक प्रवेश प्रक्रिया को रोके जाने की मांग की। उन्होंने डीएसबी परिसर में जाकर वहां विभिन्न संकायों में स्नातक प्रथम वर्ष में चल रहे छात्रों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन कार्य को भी रोक दिया। इस दौरान छात्र नेताओं की प्रवेश समिति के सदस्यों के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नितिन कार्की के नेतृत्व में छात्र नेता दोपहर 12 बजे विवि प्रशासनिक भवन पहुंचे। उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों से स्थानीय छात्रों को प्रवेश में वरीयता दी जाती रही है जो अबकी बार खत्म कर दी गई है। इससे छात्रों को काफी नुकसान हो रहा है। विवि की ओर से हाइकोर्ट में पैरवी के लिए जो अधिवक्ता रखे गए हैं वह मजबूती से विवि की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं इसलिए उनके स्थान पर दूसरे अधिवक्ता रखे जाएं। रजिस्ट्रार प्रो.डीसी पांडेय ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। बाद में उन्होंने ज्ञापन भी दिया। उसके बाद छात्र नेता नारेबाजी करते हुए सीधे डीएसबी परिसर पहुंचे यहां पर उन्होंने पहले कला संकाय उसके बाद विज्ञान संकाय में जाकर प्रवेश समिति के सदस्यों द्वारा स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों के प्रमाण पत्रों की जांच का कार्य रुकवा दिया। इस दौरान कई छात्र नेताओं की समिति के सदस्यों से तीखी नोकझोंक भी हुई। इससे प्रमाण पत्रों की जांच के लिए आए छात्रों को निराश होकर लौटना पड़ा।
इस दौरान नितिन कार्की, भाजपा नगर अध्यक्ष मनोज जोशी, दिग्विजय सिंह बिष्ट, पंकज भट्ट, विकास जोशी, करन दनाई, रवि कन्याल, पवन कन्याल, रूचिर साह, दीपक मेलकानी, जितेंद्र बंगारी, हरीश राणा, मोहित साह आदि मौजूद थे।
एनएसयूआई ने भी दिया ज्ञापन
एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं ने भी स्थानीय छात्रों को प्रवेश में वरीयता देने की मांग को लेकर रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में भूपेंद्र कोहली, अविनाश कुमार, नितिन जाटव, विनय कुमार, जुनैद, विक्की, पवन कुमार, प्रकाश जोशी, कमल तथा राजकमल मौजूद थे। ब्यूरो