भूमि अधिग्रहण मामले में 30 जून को नपत होगी
सितारगंज। एनएच 125 पर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के विवाद को निपटारा 30 जून को होगा। एसडीएम ने राजस्व, एनएचएआई और कार्यदायी कंपनी गल्फार के अधिकारी, कर्मचारियों की बैठक ली। कहा कि भूमि अध्याप्ति कार्यालय के प्रतिनिधि भी नपत के दौरान मौजूद रहेंगे।
सितारगंज से काशीपुर से एनएच 125 पर फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। जनवरी में कुंवरपुर सिसैया में तत्कालीन तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों, कार्यदापी कंपनी गल्फार के अधिकारी, कर्मचारियों ने अधिग्रहित भूमि खाली कराई थी। उस दौरान गांव की कृष्णा देवी, स्वामी अजयानंद सिंह के आवास ध्वस्त किए गए थे। इसको लेकर बखेड़ा हो गया था। कृष्णा देवी आला अधिकारियों के साथ ही सरकार के आला मंत्रियों को शिकायती पत्र भेजा था और गल्फार कंपनी पर बिना मुआवजा दिए भवन ध्वस्त करने का आरोप लगाया था। कृष्णा देवी का कहना था कि दोमंजिला भवन ढहाने से उसे तीन लाख की क्षति हुई थी। अजयानंद को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। मामले को निपटाने की कई बार एसडीएम विनोद कुमार ने कोशिश की लेकिन, नहीं निपटा। मंगलवार को राजस्व, एनएचएआई, गल्फार कंपनी के अधिकारी कुंवरपुर सिसैया में विवादित भूमि की नपत करने पहुंचे, लेकिन विपक्षी अजयानंद के मौजूद न रहने पर नपत नहीं हो सकी। इस पर एसडीएम ने टीम को बुलाकर उनकी बैठक ली। एसडीएम ने बताया कि 30 जून को विवादित भूमि की नपत की जाएगी। एनएचएआई के पास गजट है। राजस्व विभाग भी अपने अभिलेखों से मिलान करेगा और मौके पर भूमि अध्याप्ति कार्यालय का प्रतिनिधि भी मौजूद रहेगा। कहा कि अगर, भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया है तो पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, एनएचएआई के सहायक प्रोजेक्ट निदेशक अनुज कुमार आदि थे।
एसडीएम ने अधिकारियों की बैठक ली