हल्द्वानी। शिक्षा महकमे का हाल भी गजब है। पूरा सत्र बीतने को है मगर चार हजार बच्चों को न किताबें न मिलीं न ड्रेेस। अब ये तो बच्चे या विभाग वाले ही जानें कि पूरा साल वे बिना किताब और बिना ड्रेस के कैसे पढ़ाई कर गए। अब तक करीब 20 स्कूलों के बच्चों की सूची उप शिक्षाधिकारी कार्यालय को नहीं मिली है। बताया रहा है कि नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बच्चों की सूची भेजी नहीं गई है।
क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों को मुफ्त किताबें और ड्रेस विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाना था। ग्रामीण क्षेत्र के एक से लेकर इंटर तक के विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में पैसा भेजा जाना था। इसमें से पुस्तकों का पैसा बच्चों के खाते में और ड्रेस विद्यालय को खरीदना कर देना था। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के खाते में यह धनराशि भेज दी गई लेकिन यह पैसा अभी बच्चों के खाते में नहीं भेजा गया है। जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में बच्चों के ही खाते में ड्रेस और पुस्तक का पैसा भेजा जाना था। इधर, शहरी क्षेत्र के करीब 20 विद्यालयों के चार हजार बच्चों का पुस्तक और ड्रेस का पैसा लटक गया है। बताया जा रहा है कि इन विद्यालयों के बच्चों का खाता अब तक नहीं खुला है। इस कारण इनकी सूची उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय को नहीं मिली है।
चार हजार बच्चों को न किताब मिलीं न ड्रेस
घोषणाएं हो गईं मगर अब तक खातों में नहीं पहुंच पाया बजट
20 स्कूलों के बच्चों की सूची उप शिक्षाधिकारी कार्यालय को नहीं मिली
डीएम के आदेश के बाद भी नहीं आई तेजी
डीएम ने करीब एक सप्ताह पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में उन्होंने बच्चों को धनराशि नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जाई थी। विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह में कार्रवाई पूरी करने का समय दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए लेकिन नगर क्षेत्र में अभी सुस्ती बरकरार है।
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के खाते में पैसा भेज दिया गया है। नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कई बार पत्र लिखने के बाद भी कई विद्यालयों की सूची नहीं मिली है।
-चंपा भौर्याल, उप शिक्षा अधिकारी, हल्द्वानी
विद्यालयों को एक सप्ताह में ड्रेस और पुस्तकों का पैसा भेजने का निर्देश दिया गया था। अधिकतर विद्यालयों को पैसा भेजा गया है। जहां नहीं अभी तक ड्रेस और पुस्तक का पैसा नहीं भेजा गया उसकी रिपोर्ट ली जाएगी।
विनोद कुमार सुमन, डीएम नैनीताल