हल्द्वानी। निजी अस्पतालों में स्वत: बंदी के बावजूद बच्चे का इलाज न करने पर एक महिला ने एसटीएच में दोपहर में जमकर हंगामा किया। एमएस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ और महिला के बच्चे का पर्चा बनवाकर इलाज किया गया। रविवार को अवकाश होने के बाद भी एसटीएच की इमरजेंसी में मरीजों की काफी भीड़ रही। एसटीएच और बेस अस्पताल से 28 मरीज बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली के लिए रेफर किए गए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) का विरोध कर रही है। विरोध के चलते ही निजी अस्पतालों और क्लीनिकों ने 15 फरवरी से स्वत: बंदी कर दी है। निजी अस्पतालों के बंद होने के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। रविवार दोपहर करीब 12 बजे हल्द्वानी निवासी एक महिला अपने पांच वर्षीय बीमार बच्चे को लेकर एसटीएच पहुंची। एसटीएच की कैज्युअल्टी (इमरजेंसी) में मौजूद कैज्युअल्टी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) ने बच्चे को दवा देकर टरका दिया। इस पर महिला ने इमरजेंसी में ही हंगामा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ईएमओ को जमकर फटकार लगाई। महिला के बच्चे का पर्चा बनवाकर बाल रोग विशेषज्ञ को दिखावा तब जाकर मामला शांत हुआ। रविवार का अवकाश होने के बाद एसटीएच में 168 मरीज इमरजेंसी में पहुंचे। इनमें 25 बच्चे थे जबकि 38 नए रोगियों को अस्पताल मेें भर्ती किया गया। बेस और एसटीएच से 28 मरीजों को बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली रेफर किया गया।
इलाज न मिलने पर महिला ने किया हंगामा
एमएस के हस्तक्षेप के बाद निपटा मामला, बच्चे को किया भर्ती, 28 मरीज रेफर
निजी अस्पतालों में हड़ताल के चलते एक ही दिन में पहुंचे 25 बच्चे
अवकाश के बावजूद एसटीएच की इमरजेंसी में रही भारी भीड़
बेस से ब्रेन हैमरेज का मरीज बरेली रेफर
हल्द्वानी। निजी अस्पतालों की स्वत: बंदी के चलते ब्रेन हैमरेज का एक मरीज आज दोपहर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल पहुंचा। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल और एसटीएच मेें न्यूरो सर्जन या न्यूरो फिजीशियन नहीं है। डॉक्टर न होने के कारण मरीज को बरेली रेफर कर दिया गया।
डॉक्टर ने हड़ताल के चलते इलाज से मुंह मोड़ा
हल्द्वानी। केनाल रोड निवासी उमेश त्रिपाठी रविवार को उनकी छह माह की बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर बाजार स्थित एक क्लीनिक में इलाज कराने के लिए पहुंचे। ताला लटका मिलने पर उन्होंने डॉक्टर को कई बार फोन किया लेकिन डॉक्टर ने उनका फोन तक नहीं उठाया। एसटीएच में अपनी छह माह की बच्ची अंतरा त्रिपाठी का इलाज कराने पहुंचे पिता उमेश ने बताया कि घर में अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। जिसे लेकर वे उसी क्लिीनिक में पहुंचे जहां पहले से इलाज चल रहा था। न तो डॉक्टर मिले और न ही उन्होंने फोन उठाया। इसके बाद बच्ची को लेकर एसटीएच आए। डॉक्टर ने बच्ची में निमोनिया होने की बात कही। बच्ची को निमोलाइज करके इलाज शुरू किया।
पहली बार आना पड़ा एसटीएच
हल्द्वानी। देवलचौड़ निवासी उषा मेलकानी अपने छह साल के बेटे को लेकर एसटीएच पहुंची थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे गौरव मेलकानी को अचानक तेज बुखार आने पर वे उसे लेकर घर के नजदीक एक क्लीनिक में पहुंची जहां डॉक्टर ने हड़ताल के चलते सरकारी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी। डॉक्टर ने गौरव को बुखार होने की बात कही है। गौरव को भी निमोलाइज किया गया।
हड़ताल के चलते ले जाना पड़ा बरेली
हल्द्वानी। रामपुर रोड स्थित चांदनीचौक घुड़दौड़ा निवासी लक्ष्मी दत्त पतियाल की तबियत बिगड़ने पर उनके परिजन एसडीएच ले गए जहां न्यूरो सर्जन न होने पर एंबुलेंस से बरेली ले गए। हल्दूचौड़ स्थित आयुर्वेद अस्पताल में कार्यरत लक्ष्मी पलड़िया रविवार को छुट्टी के चलते घर में ही रुके थे। नहाकर कुर्सी पर बैठते ही अचानक लक्ष्मी की तबियत बिगड़ गई। चचेरे भाई हेम पतियाल उन्हें एसटीएच लाए। एसटीएच में न्यूरो सर्जन न होने के चलते बरेली के निजी अस्पताल में ले गए।
एक ओर विरोध तो दूसरे ओर पंजीकरण
निजी अस्पताल और क्लीनिकों ने सीएमओ को भेजे आवेदन
एसीएमओ ने पांच निजी अस्पताल संचालकों से कहा करें आवेदन
हल्द्वानी। सीईए के विरोध में आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालकों ने स्वत: बंदी की है। निजी अस्पताल, क्लीनिक सीईए के तहत अस्थायी पंजीकरण करा रहे हैं। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि सीईए के तहत 121 से अधिक अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, पैथोलॉजी सेंटर अपना अस्थायी पंजीकरण करा चुके हैं। बताया कि हल्द्वानी में विवेकानंद हॉस्पिटल मुखानी, डॉ. नीलांबर भट्ट क्लीनिक, तिवारी मैटरनिटी सेंटर मुखानी, अनार्जुन मैटरनिटी सेंटर कालाढूंगी रोड आदि शामिल हैं। डॉ. पंत ने बताया कि श्रीराम अस्पताल, एसके गुप्ता अस्पताल, बांबे हॉस्पिटल, बृजलाल हॉस्पिटल, केएचआरसी में संपर्क कर सीईए में पंजीकरण कराने को कहा था। बृजलाल हॉस्पिटल के डॉ. अजय पाल ने बताया कि शनिवार को सीईए में पंजीकरण शनिवार को आवेदन कर दिया है। अपना ड्राफ्ट भी भेज दिया है।