ध्यानार्थ..... देहरादून और कुमाऊं
हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन से यात्रियों को परेशानी हुई। रोडवेज की जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन योजना (जेएनएनयूआरएम) सेवा की 25 बसें काठगोदाम डिपो से बहार ही नहीं निकल सकी। काशीपुर, रामनगर, टनकपुर, रुद्रपुर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। निगम प्रबंधन ने दूसरी बसें भेज कर किसी तरह काम चलाया।
तय कार्यक्रम के तहत सोमवार को रोडवेज के कर्मचारी रानीखेत, अल्मोड़ा, भवाली, नैनीताल, काठगोदाम, हल्द्वानी, रुद्रपुर, रामनगर, काशीपुर और जेएनएनयूआरएम काठगोदाम डिपो से मंडलीय प्रबंधक संचालन कार्यालय काठगोदाम पहुंचे। यहां उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने विशिष्ट श्रेणी चालक-परिचालक, तकनीकी विशिष्ट श्रेणी कर्मचारी और संविदा कर्मचारियों को नियमितिकरण तक न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने की मांग की। उन्होंने शासन स्तर पर लंबित जनकल्याणकारी योजनाओं के 60 करोड़ रुपये अविलंब भुगतान की भी मांग की। क्षेत्रीय मंत्री डुंगर सिंह ने कहा कि जब तक प्रबंधन उनकी मांग नहीं मानता आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मांग नहीं मानने पर चक्काजाम भी किया जाएगा। कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन में पहुंचने का सबसे अधिक असर रोडवेज की जेएनएनयूआरएम सेवा की बसों में पड़ा। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष विक्रम सिंह डंगवाल, उमेश, जोशी, आन सिंह जीना, शंकर जीना, त्रिलोक गिरी, डीसी पंत, जगदीश कांडपाल, हेमंत कुमार, रमेश जोशी, शिव सिंह आदि मौजूद रहे।