हल्द्वानी। सेना भर्ती रैली में अंतिम दिन शुक्रवार को चंपावत जिले के 3300 युवकों ने दौड़ में भाग लिया। इस दौरान 384 युवक ही दौड़ में सफल हो सके। शारीरिक दक्षता में 74 युवक बाहर हो गए। मेडिकल जांच के लिए 310 युवकों को भेजा गया है।
भर्ती निदेशक कर्नल संदीप मदान ने बताया कि सेना भर्ती के लिए चंपावत जिले के 4050 युवकों ने पंजीकरण कराया था लेकिन दौड़ में भाग लेने के लिए 3348 युवक ही आए। अभिलेखों की जांच के दौरान 48 युवक छंट गए। मैदान में समूहों के बीच 3300 युवकों ने दौड़ लगाई। कई युवक दूसरे चक्कर में ही असफल हो गए। तीसरे चक्र में 384 युवक ही सफल हो सके। 1.6 किलोमीटर की दौड़ में 8.59 फीसदी युवक ही सफल हो सके। पूरे कुमाऊं में 12 फीसदी अंक के साथ ऊधमसिंह नगर के युवक सबसे अव्वल हैं।
दौड़ में सफल युवक पढ़ाई पर ध्यान दें : कर्नल बिनेश नायर
हल्द्वानी। सेना भर्ती के निदेशक कर्नल बिनेश नायर ने दौड़ में सफल युवकों को सलाह दी है कि वे पढ़ाई पर ध्यान दें। क्योंकि मेडिकल के बाद लिखित परीक्षा होगी। मेरिट के आधार पर सफल युवक सेना की ट्रेनिंग के लिए भेजे जाएंगे। बताया कि कुमाऊं के युवकों को दौड़ के साथ सीने को बढ़ाने के लिए अभ्यास करना चाहिए।
कर्नल ने कहा कि कुमाऊं के सभी छह जिलों के युवाओं की दौड़ परीक्षा पूरी हो गई है। अब तीन चार दिनों तक दौड़ में सफल युवकों का मेडिकल होगा। भर्ती रैली में सभी जिलों के युवक अनुशासित पाए गए। मेडिकल के बाद युवकों की लिखित परीक्षा होगी। मेरिट के आधार पर सेना में चयन होगा। सफल युवकों को अभी पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। भर्ती के दौरान पाया गया कि युवक दौड़ में तो सफल हो गए लेकिन उनका सीना कम चौड़ा पाया गया। इस मामले में युवकों को दौड़ के साथ सीने को बढ़ाने के लिए अभ्यास करना चाहिए।