हल्द्वानी। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर की असली तस्वीर अब सामने आएगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए अगले महीने राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे (एनएएस) परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। प्रदेश के सभी विकासखंडों में नमूने के तौर पर चयनित सरकारी स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। डायट की ओर से सर्वेयर विद्यार्थियों का चुनाव कर परीक्षा कराएंगे। परीक्षा के परिणाम से तैयार हुई रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय शिक्षा सुधार के लिए योजना तैयार करेगा। शिक्षा विभाग ने परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
खंड शिक्षाधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि हर विकासखंड में 14 और 15 सितंबर को सैंपल के तौर पर चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। परीक्षा में सभी पेपर बाहर से आएंगे और डायट के सर्वेयर परीक्षाएं कराएंगे। उन्होंने बताया कि विकासखंड में आठवीं कक्षा के लिए 48 स्कूलों की सूची तैयार की गई है। तीन स्कूलों का एक ग्रुप बनाया गया है, जिनमें से परीक्षा के लिए बच्चे चुने जाएंगे। 16 स्कूलों में यह परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के बाद हर राज्य को रैंक दी जाएगी, जिस राज्य की रैंक कमजोर होगी, वहां के शिक्षा सुधार के लिए मंत्रालय योजना तैयार करेगा। खंड शिक्षाधिकारी कि पिछले बार हुए सर्वे में नैनीताल जिले में शिक्षा की स्थिति खराब निकली थी। प्राइमरी स्कूलों की सूची उपखंड शिक्षाधिकारी की ओर से तैयार हो रही है।
अब सामने आएगा सरकारी स्कूलों की पढ़ाई का सच
मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर रहा है राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वे
तीसरी, पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों की होगी परीक्षा
48 स्कूलों की बनी है सूची, तीन स्कूलों का एक ग्रुप बनाया गया है
14 और 15 सितंबर को चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों की परीक्षा होगी