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आधे रास्ते में जवाब देने लगी ई-टिकटिंग मशीनें

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आधे रास्ते में जवाब देने लगी ई-टिकटिंग मशीनें
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हल्द्वानी।
उत्तराखंड परिवहन निगम में सालों पुरानी ई-टिकटिंग मशीनें अब जवाब देने लगीं हैं। रास्ते में मशीनें खराब होने पर बसें रोककर टिकट निकालने पड़ रहे हैं। इस तरह के कई मामले सामने आने के बावजूद रोडवेज प्रबंधन नई ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध नहीं करा रहा।
करीब आठ साल पहले रोडवेज बसों में यात्रियों के टिकट काटने के लिए ई-टिकटिंग मशीन की व्यवस्था शुरू की थी। नैनीताल परिक्षेत्र के सभी डिपो में ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध कराई थीं। लेकिन अब इन मशीनों के पुराने होने से लगातार खराबी आ रही हैं। कई बार बसों के रास्ते में खराब होने पर परिचालकों को बसें रोककर मैनुअल टिकट काटना पड़ रहा है। वर्तमान में हल्द्वानी डिपो में 66 ई-टिकटिंग मशीनें ही सही हालत में रह गई हैं। जबकि डिपो में बसों की संख्या 83 है। इनमें से प्रतिदिन 55 बसों का संचालन होता है। उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के शाखा अध्यक्ष सतीश लाल ने कहा कि मशीनें खराब होने से कई बार किराये का हिसाब रखना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रही मशीनों की क्षमता चार साल थी, लेकिन मशीनों को करीब आठ साल से चलाया जा रहा है। प्रबंधन से कई बार शिकायत करने के बावजूद नई मशीनें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
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मुख्यालय स्तर पर खरीदी गई हैं मशीनें : आरएम

मंडलीय प्रबंधक कुशीराम ने बताया कि देहरादून मुख्यालय में नई टिकटिंग मशीनें खरीदी गई हैं। जल्द ही इन्हें रोडवेज के तीनों परिक्षेत्रों में इन मशीनों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद परिचालकों के समक्ष किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।
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