हल्द्वानी। प्रारंभिक शिक्षा संवर्ग के शिक्षकों को आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी रहने तक नवीन संवर्ग के तैनाती स्थलों से नहीं हटाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों को नवीन संवर्ग के स्थलों पर यथावत बनाए रखने के आदेश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग के मुताबिक तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव की घोषणा होने से पूर्व वर्ष 2016 में प्रारंभिक शिक्षा के अध्यापकों के जनपद और मंडल स्तर पर बड़ी संख्या में तबादले किए थे। शासनादेश पर अध्यापकों ने नवीन संवर्ग के स्थलों पर ज्वाइन भी कर लिया था। बाद में प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद शासन ने इन तबादलों को निरस्त कर दिया था। इस मामले को लेकर कुछ अध्यापक हाईकोर्ट चले गए थे। मामला कोर्ट में लंबित होने के कारण अध्यापक नवीन संवर्ग के स्थानों पर ही जमे रहे। बाद में इन्हें नवीन संवर्ग के स्थलों से मूल स्थानों पर कार्य करने को कहा गया था लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के चलते पिछले दिनों शासन ने ऐसे अध्यापकों को नवीन संवर्ग के तैनाती स्थलों पर यथावत बनाए रखने के निर्देश दिए थे। प्रारंभिक शिक्षा के अपर निदेशक वीएस रावत ने डीईओ को भेजे आदेश में कहा है कि वर्तमान में सामान्य लोकसभा निर्वाचन-2019 की आदर्श आचार संहिता प्रभावी है। संज्ञान में आया है कि नवीन संवर्ग में तैनात शिक्षक निर्वाचन कार्य में लगे हैं। उन्हें इस बीच कार्यमुक्त करने से निर्वाचन कार्य में व्यवधान पैदा हो सकता है। इसलिए शासन के कार्यालय आदेशक 21 नवंबर 2016 से आच्छादित शिक्षकों को उनके नवीन संवर्ग के तैनाती स्थल पर यथावत रखा जाए।
प्रारंभिक शिक्षा संवर्ग के शिक्षक चुनाव आचार संहिता तक कार्यमुक्त नहीं होंगे
नवीन संवर्ग के स्थलों पर यथावत बनाए रखने के अपर निदेशक ने जारी किए आदेश