हल्द्वानी। स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इस मामले को दबाने में लगा है। शुक्रवार को तीन माह के एक बच्चे में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण होने के कारण एक निजी अस्पताल से बरेली भेजा गया।
पिछले माह लामाचौड़ निवासी 30 वर्षीय एक महिला खांसी और जुकाम से पीड़ित थी। नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ। निजी अस्पताल संचालक ने महिला को बरेली रेफर किया था। महिला को श्रीराम मूर्ति अस्पताल बरेली ले जाया गया। महिला का सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। लखनऊ से आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद फरवरी में महिला की मौत हो गई।
दूसरी ओर लामाचौड़ से ही शुक्रवार को तीन माह के एक बच्चे को परिजन स्वाइन फ्लू की आशंका पर नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल से श्रीराम मूर्ति अस्पताल ले गए हैं। निजी अस्पताल ने बच्चे की हालत में सुधार न होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया था। इससे पहले कार्बेट के कार्यरत वन विभाग के एक कर्मचारी की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हुई थी। स्वाइन फ्लू से अब तक दो मौत हो चुकी हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट ने बताया कि महिला का सैंपल जांच के लिए श्री राममूर्ति अस्पताल बरेली से लखनऊ भेजा गया था। लखनऊ से आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी और महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई थी। भट्ट ने बताया कि तीन माह के बच्चे को नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी। बच्चे के सैंपल की जांच रिपोर्ट में बी कैटेगिरी का स्वाइन फ्लू पुष्ट हुआ है। बच्चे को परिजन शुक्रवार को श्रीराम मूर्ति अस्पताल बरेली ले गए।
जिला संक्रामक रोग विशलेषक अधिकारी नंदन कांडपाल ने बताया कि महिला की पूरी जांचें नहीं हुई थी। स्वाइन फ्लू की कोई जांच नहीं कराई गई थी। बताया कि महिला की मौत किसी अन्य बीमारी से हुई है। कहा कि महिला को बरेली में भी स्वाइन फ्लू की दवा टैमीफ्लू नहीं दी गई।
स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत
लामाचौड़ की रहने वाली थी, एक निजी नर्सिंग होम से बरेली किया गया था रेफर
तीन माह के बच्चे को भी एक निजी अस्पताल से बरेली भेजा गया
रामपुर गांव में शिविर लगाकर किया स्वास्थ्य परीक्षण
हल्द्वानी। पूर्व ब्लॉक प्रमुख भोला दत्त भट्ट के सीएमओ को फोन करने के बाद शुक्रवार को ग्राम रामपुर लामाचौड़ में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 32 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य शिविर में 18 पुरुष, 4 महिलाएं और 10 बच्चों का परीक्षण हुआ। लोगों को सर्दियों और गर्मियों में होने वाली बीमारी के बारे में बताया गया। इस दौरान डॉ. संजय चौहान, राम विजय सिंह, कांति पांडे, आशा साह, नंदन कांडपाल, चंद्र शेखर उप्रेती, सचिन दिगारी, भुवन चंद्र तिवाड़ी आदि थे।