हल्द्वानी। दो माह से बंद पैराग्लाइडिंग समेत अन्य साहसिक खेलों के पहली सितंबर से फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इससे जिले में डेढ़ हजार से अधिक लोगों को फिर से रोजगार मिल सकेगा। पर्यटन सचिव दलीप जावलकर ने कुमाऊं पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों को कुछ इसी तरह के संकेत दिए हैं।
पर्यटन सचिव जावलकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को पर्यटन और शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कन्क्लेव में हिस्सा लेने भीमताल पहुंचे थे। इस दौरान कुमाऊं पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनसे भेंट कर सरकार की ओर से तैयार की जा रही पर्यटन नीति के बारे में जानकारी लेते हुए साहसिक खेलों को फिर से शुरू कराने की मांग की थी। 16 जून को हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को प्रदेश में चल रहे साहसिक खेलों के लिए गाइड लाइन तैयार करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने गाइडलाइन तैयार होने तक साहसिक खेलों के संचालन पर रोक भी लगा दी थी। पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के कुमाऊं सचिव नितिन राणा के मुताबिक जिले में अभी अकेले पैराग्लाइडिंग की 16 साइटें चल रही हैं, जिनमें 12 पांडेगांव में और एक-एक खुटानी, घोड़ाखाल, मंगोली, कोटाबाग में शामिल हैं।