हल्द्वानी। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान पंजाब-पाकिस्तान की सीमा मंडी डाबरवाली में पांच जुलाई 2002 को शहीद हुए मेजर धर्म सिंह को बृहस्पतिवार को श्रद्धांजलि दी गई। सेना के पूर्व अधिकारियों और परिजनों ने शहीद को याद किया। इस मौके पर उनकी पत्नी जयमती देवी भावुक हो गईं।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर (रि.) बीएस रौतेला ने बताया कि धर्म सिंह मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के पंगला (धारचूला) मूल निवासी थे। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा 1971 में गांव के प्राइमरी स्कूल से ली। पंगला से 10 वीं करने के बाद वह भारतीय थल सेना में भर्ती हो गए। पैरा रेजीमेंट में उनकी पहचान सिपाही के साथ अनुशासित पहलवान की थी। 1988 में उन्हें ऑपरेशन पवन के तहत सीमा पर भेजा गया। सेना में लंबे कैरियर के चलते उन्हें सूबेदार मेजर बनाया गया। बाद में उन्हें ऑपरेशन पराक्रम के लिए पंजाब और पाकिस्तान की सीमा पर भेजा गया। शहीद का परिवार इस समय में पीलीकोठी में रहता है। जिला सैनिक कल्याण विभाग में आयोजित कार्यक्रम में शहीद की वीरांगना जयमती देवी, उनके दोनों पुत्रों हरीश बिष्ट, पुष्कर बिष्ट और पुत्र वधू ने दी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर कार्यालय में तैनात कर्नल अमित तिमोती आदि मौजूद थे।