हल्द्वानी। औषधि नियंत्रक और पुलिस की टीम ने मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा तो नशीली दवाएं बिकती मिलीं। मेडिकल स्टोर स्वामी खरीद और विक्रय के दस्तावेज सही नहीं पाए गए। तीन मेडिकल स्टोर के खरीद और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। साथ ही गर्भपात किट की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।
औषधि नियंत्रक हेमंत नेगी, औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, सीओ डीसी ढौडियाल, थानाध्यक्ष दिनेश नाथ महंत ने लाइन नंबर 16 स्थित रायल मेडिकल स्टोर, किंग मेडिकल स्टोर, ओके मेडिकल स्टोर, सबा मेडिकल स्टोर और लाइन नंबर 1 आजाद नगर में राहत मेडिकल स्टोर पर छापे मारे। यहां साइकोट्रापिक दवाएं (नशीली दवाएं) मिली और धड़ल्ले से इनकी बिक्री भी हो रही थी। साइकोट्रापिक दवाओं का किसी के पास भी पूरा रिकार्ड नहीं मिला। रजिस्टर में दवा लिखने वाले किसी भी डॉक्टर का नाम दर्ज नहीं था। साथ ही क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज भी सही नहीं मिले। ओके मेडिकल स्टोर में कुछ डिब्बों में खुली गोली रखी थी और नाम तक नहीं लिखा था। इसके अलावा गर्भपात की किट भी धड़ल्ले से बेची जा रही थी।
औषधि नियंत्रण हेमंत नेगी ने बताया कि किंग, रायल और ओके मेडिकल स्टोर के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। जबकि क्रय-विक्रय प्रस्तुत न करने पर राहत मेडिकल स्टोर और सबा मेडिकल स्टोर पर भी रोक लगाई गई है। दो मेडिकल स्टोर पर फार्मेसिस्ट नहीं मिले थे। सभी को एक सप्ताह के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
पूर्व के छापों का कुछ नहीं हुआ
हल्द्वानी। औषधि नियंत्रक ने अपनी टीम के साथ पूर्व में भी कई मेडिकल स्टोर पर छापे मारे थे मगर नतीजा सिफर ही रहा था। पूर्व जिलाधिकारी दीपक रावत ने भी कई बार मेडिकल स्टोर पर छापे मारे थे। साथ ही लामाचौड़ में नशीली दवाओं का जखीरा पकड़ा था। मामले की जांच के आदेश दिए गए थे मगर आज तक कार्रवाई किसी के खिलाफ नहीं हुई थी। मुखानी रोड पर एक मेडिकल स्टोर को सील किया गया था और कुछ दिन बाद दुकान खुल गई। औषधि नियंत्रक और उनकी टीम के छापे में भी कई अनियमितता मिल चुकी है। साइकोट्रापिक दवाएं बिना रिकार्ड के बेचने की बात भी सामने आ चुकी है मगर कार्रवाई किसी भी मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ नहीं हुई।