हल्द्वानी। केंद्र सरकार द्वारा धान समेत खरीफ की 14 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का अधिकतर किसानों ने स्वागत किया है, वहीं कई किसानों ने इसे चुनावी शिगूफा बताते हुए किसानों को लुभाने का प्रयास बताया। ऐसे किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य बढ़ाने के बजाए केंद्र सरकार लागत मूल्य आयोग गठित करे। इससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार ने अपने घोषणा पत्र पर अमल करते हुए धान सामान्य, धान ग्रेड ए, अरहर, मूंग, उड़द, रागी, बाजरा, तिल, काला तिल, ज्वार, कपास, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी आदि के समर्थन मूल्य में वृद्धि की घोषणा की है। इसमें सबसे अधिक समर्थन मूल्य 200 रुपये धान का बढ़ाया गया है। सामान्य धान का समर्थन मूल्य पिछले साल 1550 रुपये, ए ग्रेड के धान का मूल्य 1590 रुपये था, जिसे बढ़ाकर अब क्रमश: 1750, 1770 रुपये कर दिया गया है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक धान का लागत मूल्य करीब 1117 रुपये प्रति हेक्टेयर आता है।
कुछ ने समर्थन किया तो कुछ ने चुनावी शिगूफा बताया
खरीफ की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का मामला
सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। सभी को इसका समर्थन करना चाहिए। अधिकारी यदि ईमानदारी से धरातल पर काम करें तो निश्चित रूप से किसानों को सरकार के इस फैसले का लाभ मिलेगा। - नरेंद्र सिंह मेहरा किसान
फसलों के समर्थन मूल्य के स्थान पर लागत मूल्य आयोग गठित हो। मजदूरी के अलावा खाद, कीटनाशकों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे उत्पादन लागत भी लगातार बढ़ रही है। किसानों को बिचौलियों से बचाने के साथ साथ किसान, फसली बीमा योजना में पारदर्शिता लाने की जरूरत है। - राजेंद्र सिंह चुफाल किसान
सरकार की घोषणाओं का किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता है। इससे पहले भी कई घोषणाएं हुई। क्या हुआ खेती तो लगातार नुकसान का सौदा साबित हो रही है। पैदावार कम, नुकसान ज्यादा है। केंद्र सरकार की यह चुनावी घोषणा है। - जीवन चंद्र किसान
केंद्र सरकार का यह अच्छा प्रयास है। इससे किसानों में नई उम्मीद का संचार हुआ है कि उन्हें धान समेत अन्य फसलों का सही मूल्य मिल सकेगा। - बालम सिंह किसान
कुमाऊं मंडल में चावल उत्पादन की स्थिति
जिला रकबा (हेक्टेयर में) उत्पादन (क्विंटल में)
अल्मोड़ा 13775 165300
बागेश्वर 13285 172705
चंपावत 5368 91256
नैनीताल 10810 367540
पिथौरागढ़ 19863 238356
ऊधमसिंह नगर 150000 5250000
खरीफ की फसलों के समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को मिलेगा। किसानों के हित में सरकार का यह सराहनीय प्रयास है।
- पीके सिंह संयुक्त निदेशक कृषि कुमाऊं मंडल।