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कार्यकाल पूरा होने से पहले मेयर ने बुलाई कार्यकारिणी की बैठक

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हल्द्वानी। निकाय चुनाव को लेकर सरकार की तैयारी तेज होने से नेताओं में भी हरकत दिखने लगी है। मेयर ने दो मई को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। बैठक में चुनाव को देखते हुए कई फैसले लिए जा सकते हैं।
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विधानसभा चुनाव से पहले मेयर ने निगम की दुकानों का किराया बढ़ा दिया था। किराया बढ़ाने को लेकर भाजपा के एक पार्षद और कांग्रेसियों ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मेयर ने उस समय किराया घटाने को लेकर साफ मना कर दिया था। इसका खामियाजा मेयर जोगेंद्र रौतेला को उठाना भी पड़ा था।
अब मेयर रौतेला कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। इसे देखते हुए मेयर रौतेला ने दो मई को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है। इसमें व्यापारियों को खुश करने के लिए दुकानों का नामांतरण सहित कई लोक लुभावन फैसले लिए जा सकते हैं। हो सकता है कि दुकानों को दो मंजिला बनाने की अनुमति भी दी जा सकती है।
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इधर सूची बदली, उधर भाजपा की रणनीति
हल्द्वानी। नगर निगम की आरक्षण की सूची क्या बदली की भाजपा को अपनी चुनाव की रणनीति भी बदलनी पड़ी।
जिला प्रशासन ने नगर निगम वार्डों के आरक्षण की सूची को अवरोही क्रम के बजाय आरोही क्रम में तय कर दिया था। आरक्षण की सूची सामने आई तो भाजपा के चुनाव रणनीतिकारों पर भी दबाव बना। भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत थी कि सारे समीकरण बदल दिए गए हैं। दबाव में आए भाजपा रणनीतिकारों ने तुरंत ही रणनीति बनाने और बताने में जुट गए। नगर निगम का वार्ड आरक्षण की अधिसूचना जारी होते ही वार्ड से चुनाव लड़ने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने आकाओं के पास दौड़ लगानी शुरू कर दी है। उधर वार्ड आरक्षण बदलने पर भाजपा के दूसरे धड़े ने मेयर को घेरना शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो पिछली बार पार्षद के चुनाव में टिकट की दावेदारी में बंशीधर भगत और गजराज बिष्ट धड़े में जमकर खींचतान हुई थी। इसके चलते भाजपा ने पार्षद की एक सीट में टिकट ही नहीं बांटा। इस बार भी खुलकर खींचतान होने की संभावना जताई जा रही है। एक धड़े ने तो अंदरखाने दो बार पार्षद के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी होने पर मेयर पर आरोप लगाना शुरू भी कर दिया है।
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