हल्द्वानी। वन विकास निगम में सेना के नाम पर पंजीकृत वाहनों के सौदे पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच बैठा दी है। आरएम ने डीएलएम से जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
वन विकास निगम ने सेना के लिए 2006 में चार वाहनों के लिए पंजीयन जारी किए थे। इन पंजीयनों को वन निगम हजम कर गया था। निगम के कर्मियों की मिलीभगत से लाखों रुपये में सौदा कर दिया गया था। हर साल इन पंजीयनों को बेचा जाता था।
इधर, आरएम एमपीएस रावत ने इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी है। उन्होंने हल्द्वानी उप प्रभाग के डीएलएम केएस रावत को पंजीयन की जांच कर पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट आने के बाद ही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वन निगम का दावा है कि उक्त सभी पंजीयन अस्थायी थे, जिनका सौदा होना गलत है।
----------
मैंने डीएलएम रावत से इस बाबत जांच आख्या मांगी है। ये अस्थायी पंजीयन थे। इनका सौदा नहीं किया जा सकता है।
-एमपीएस रावत, आरएम, वन विकास निगम
पोल खुलने के डर से वापस मंगा लिया पंजीयन
हल्द्वानी। सूत्रों की मानें तो वन निगम के कर्मियों ने पोल खुलने के डर से चारों पंजीयन को वापस मंगा लिया है। सभी पंजीयन को गुपचुप ढंग से कागजों में हेराफेरी कर ठिकाने लगाने की तैयारी की जा रही है।