हल्द्वानी। नंधौर नदी में खनन के लिए अनापत्ति देने में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने अब जिला सर्वे रिपोर्ट मांगी है। वन विकास निगम की तेजी का हाल यह है कि मंत्रालय की मांग के अनुरूप वन विकास निगम ने न सिर्फ जिला सर्वे रिपोर्ट तैयार करा ली है, बल्कि रिपोर्ट को जिलाधिकारी कार्यालय से अनुमोदित भी करा लिया है। इसी के साथ नंधौर में खनन के लिए तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
नंधौर में केंद्रीय वन्य पर्यावरण मंत्रालय से दस साल के लिए मिली खनन अनुमति की समय सीमा पिछले साल खत्म हो गई थी। इसकी वजह से 2016-17 में इस नदी में खनन नहीं हो सका था। इस साल नंधौर को वन्य जीव बोर्ड से अनापत्ति मिल गई है। अभी पर्यावरणीय अनुमति बाकी है। संभावना जताई जा रही थी कि इस हफ्ते तक आदेश प्राप्त हो जाएंगे। केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने ऐन मौके पर जिला सर्वे रिपोर्ट मांग ली है। मंत्रालय की इस नई मांग को पूरा करने के लिए वन विकास निगम जुट भी गया है। वन निगम ने आनन फानन में जिला सर्वे रिपोर्ट तैयार कराई। अब रिपोर्ट को दिल्ली भेजा जा रहा है। इसी के साथ नंधौर में खनन की तैयारी भी तेज कर दी गई है। मंगलवार को ही पानी के टैंकरों की निविदा प्रक्रिया भी पूरी हुई। डीएलएम प्रेम सिंह वोरा ने केंद्रीय वन्य पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जिला सर्वे रिपेार्ट मांगे जाने की पुष्टि की। डीएलएम ने बताया कि जल्द ही यह रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी जाएगी।
वन निगम खनन की तैयारियां पूरी करे
हल्द्वानी। गौला में खनन शुरू करने को लेकर प्रशासन, खान, वन विकास निगम के अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान आधी अधूरी तैयारी पर जल्द से जल्द काम पूरे करने को निर्देश दिए। ताकि उच्च न्यायालय से फैसला होते ही खनन शुरू हो सके। एसडीएम एपी वाजपेयी, उप निदेशक खनन, वन विकास निगम के जिला लौगिंग प्रबंधक एनके वार्ष्णेय ने मंगलवार को गौला में खनन की तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे। टीम ने देखा कि नदी में सीमांकन का काम पूरा नहीं हुआ है, सड़क भी आधी अधूरी बनी है। खाई पाटने का भी काम नहीं हो सका। इस पर वाजपेयी ने वन निगम को तैयारियां पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि वन निगम को खुद की तैयारियां पूरी करनी चाहिए। जैसे ही उच्च न्यायालय का फैसला आए वैसे ही खनन शुरू कर दिया जाए। उन्होंने वन निगम को कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए।