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रामनगर विधानसभा पड़ी अलग-थलग

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आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेता (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। लोकसभा चुनाव के लिए पखवाड़ेभर में मतदान होना है। अब चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ 12 दिन बचे हैं लेकिन गढ़वाल निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम विधानसभा सीट होने के कारण अधिकतर उम्मीदवार जनता तक नहीं पहुंच सके हैं। इस सीट के बाकी 13 विधानसभा क्षेत्र गढ़वाल मंडल में होने के कारण वहां की हलचल का भी पता नहीं चल पा रहा है। गढ़वाल लोकसभा सीट पर वैसे तो सीधा मुकाबला दोनों राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और भाजपा बीच सिमटा है लेकिन यहां चुनाव प्रचार जैसा माहौल नहीं बन सका है। कहीं भी पर्चे, पोस्टर, बैनर, लाउडस्पीकर से चुनाव प्रचार नहीं देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूरी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर पीरूमदारा तक पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से परिचय जरूर किया, लेकिन किसी चुनावी सभा को संबोधित नहीं किया। भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत भी यहां नहीं पहुंच सके हैं। हालांकि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रुद्रपुर रैली में जाने से भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह जरूर बढ़ा है। इन दोनों के अलावा अन्य प्रत्याशियों के नाम तक लोगों को पता नहीं चल पा रहे हैं जबकि पहले स्थानीय व्यापारी नेता राजीव अग्रवाल के बसपा से लोकसभा का चुनाव लड़ने के कारण यहां राजनीतिक गतिविधियां काफी थीं। इस कारण स्थानीय जनता स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही है।
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रामनगर विधानसभा सीट पड़ी अलग-थलग
वोटरों में खास उत्साह नहीं, उम्मीदवार भी नहीं पहुंचे जनता तक
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