हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव के लिए गठित जिले की मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) ने मोदी सरकार की विफलताओं को उजागर करने वाले भाकपा माले के पंफलेट प्रकाशन की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। समिति ने उक्त पंफलेट में संशोधन करते हुए भाकपा मेले को प्रारूप लौटा दिया है। भाकपा माले ने इसे अधिकारों का हनन करार दिया है।
भाकपा मेले के जिला सचिव कैलाश पांडेय ने 15 मार्च को एसडीएम/प्रभारी एमसीएमसी को पत्र देकर नैनीताल ऊधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी डॉ. कैलाश पांडे के पक्ष में दस हजार पर्चे प्रकाशित करने की अनुमति मांगी थी। तीन सदस्यीय एमसीएमसी समिति ने उक्त पर्चे का परीक्षण कर उसे आपत्तिजनक, सांप्रदायिक बताकर खारिज कर दिया। पत्र एमसीएमसी के नोडल अधिकारी ने भाकपा माले को 19 मार्च को मेल से भेजा है।
मोदी के खिलाफ पर्चे छापने की अनुमति नहीं
एमसीएमसी ने खारिज किया भाकपा माले के पर्चे का प्रारूप
लोकसभा चुनाव के लिए गठित मीडिया प्रमाणीकरण एवं अनुवीक्षण समिति (एमसीएमसी) निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रही है। हमारे पास अपने प्रत्याशी के विचारों को जनता तक पहुंचाने का माध्यम पर्चा ही है। उक्त समिति पार्टी और प्रत्याशी के विचारों में काट छांट कर जनता को मिले लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। समिति नहीं चाहती कि जनता सच्चाई से रूबरू हो। - कैलाश पांडे जिला सचिव भाकपा माले नैनीताल।
भाकपा माले द्वारा उपलब्ध कराया गया पर्चे का प्रारूप आपत्तिजनक, सांप्रदायिक उन्माद पैदा करने वाला था। समिति ने नरेंद्र मोदी के नाम की जगह प्रधानमंत्री, अमित शाह के नाम के स्थान पर राष्ट्रीय अध्यक्ष, मोदी सरकार के स्थान पर केंद्र सरकार लिखने को कहा है। यह भी कहा है कि पर्चे में किसी पर व्यक्तिगत आरोप न लगाए जाएं ताकि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव हों। - योगेश मिश्रा प्रभारी एमसीएमसी जिला निर्वाचन कार्यालय हल्द्वानी।