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पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में कुमाऊंनी कवि सम्मेलन

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डांस करतीं छात्राएं। - फोटो : amar ujala
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गरमपानी (नैनीताल)। उत्तरायणी मेले के दूसरे दिन शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत कुमाऊंनी, हिंदी, पंजाबी, देश भक्ति और राजस्थानी गीतों के साथ सुंदर नाटक नेे लोगों का दिल जीत लिया। विहान सांस्कृतिक ग्रुप अल्मोड़ा के कलाकारों ने बग्वाल का सुंदर मंचन किया। कुमाऊं का प्रसिद्ध लोकगीत ‘ओ भिना कसके जानू द्वाराहटा’ की प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
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हास्य नाटक ‘20-20’ के अभिनय ने मेले में पहुंचे लोगों को हंसने के लिए मजबूर कर दिया। गायिका अंकिता जोशी ने ‘सासु काटनी घास खेतों मा ब्वारी बैठनी घर’ गीत की प्रस्तुति दी। मेले में बच्चों ने झूलों का लुत्फ उठाया। भाष्कर तिवारी ने संचालन किया। इस दौरान कमेटी के अंकित साह, आरडी जोशी, सुरेश जोशी, प्रताप गौणी, त्रिभुवन पाठक, दीपक पंत, दलीप गोस्वामी, दीपक पाटनी आदि थे।


‘ओ भिना कसके जानू द्वाराहटा’ पर झूमे लोग
खैरना-गरमपानी के उत्तरायणी कौतिक में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम

50 लोगों के स्वास्थ्य की जांच
गरमपानी (नैनीताल)। खैरना के उत्तरायणी कौतिक मेले परिसर में द हंस फाउंडेशन की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। इसमें पहले दिन 150 से अधिक मरीजों की प्राथमिक स्वास्थ्य की जांच कर निशुल्क दवाइयां बांटी गई। इस दौरान डॉक्टर गौरव कुमार, फार्मासिस्ट मोहित नेगी, सपना सिंह, मुकेश, त्रिलोक मलकानी आदि थे। सुयालबाड़ी के सीएचसी में शनिवार को चिराग संस्था ने स्वास्थ्य शिविर लगाया। डॉ. सत्यवीर ने बच्चों की जांच कर निशुल्क दवाइयां दी। अभिभावकों से सफाई रखने को कहा। इस दौरान फार्मासिस्ट कुशाल सिंह, खीमानंद, रूप सिंह आदि थे।
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कस जमान आय मिकैं के कुण नि आय....
कैच लाइन . पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच
हल्द्वानी। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में चल रहे घुघुतिया त्यार में शनिवार को कुमाऊंनी कवियों ने दर्शकों को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। हरिद्वार से आए कवि विनोद पंत ने ‘कस जमान आय मिकैं के कुण नि आय’, राजेंद्र पंत ने ‘याद मिकैं किलै ऊं’ सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। कवयित्री लता पंत ने देवभूूमि हमर उत्तराखंड छू, राजेंद्र रावत ने ‘प्रकृति हालनै मनखि कै जाणि’ कविता सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने संचालन किया। वरिष्ठ कवि दामोदर जोशी देवांशु, रतन सिंह किरमोलिया, माधवानंद लोहनी, मोहन कुमाऊंनी, मोहन चंद्र जोशी, नारायण सिंह बिष्ट, भूपाल सिंह बिष्ट, जगदीश जोशी, विनायक जीवन जोशी, भुवन कांडपाल, भगवती पनेरु, विद्या महतोलिया, जुगल किशोर पेटशाली, देवकी नंदन सनवाल, गौरीशंकर कांडपाल, त्रिवेंद्र जोशी आदि ने भी काव्य पाठ किया।

रामनगर में भी उत्तरायणी कौतिक की रौनक
रामनगर (नैनीताल)। नगर पालिका परिषद की ओर से पहली बार आयोजित हो रहे उत्तरायणी कौतिक में पहाड़ की संस्कृति को तरजीह दी गई है। मेले में स्वयं सहायता समूह के पंडाल लगे, जहां पर पहाड़ी व्यंजन के अलावा पहाड़ी उत्पादकों के स्टॉल लगाए गए थे।
प्रगतिशील पर्वतीय सांस्कृतिक परिषद पैठपड़ाव में उत्तरैणी कौतिक में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत रहे। गीता पांडे के भजन से कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद महिला समूह द्वारा घुघते कार्यक्रम, सुभाष डंगवाल द्वारा पहाड़ी गीत, मोहित देशबंधु द्वारा पहाड़ी गीत, संस्कृति आर्य द्वारा पहाड़ी एकल डांस, महिला समूह द्वारा झोड़ा, पहाड़ी एकल स्वांग, दीपक केटिया द्वारा सामूहिक गीत पहाड़ी, गढ़वाली गाना, ललित मोहन जोशी ग्रुप द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान चेयरमैन मो. अकरम, ईओ मनोज दास आदि थे।

इन स्वयं सहायता समूहों के लगे स्टॉल
हर्षिता समूह, गर्जिया स्वयं सहायता समूह, लक्ष्मी, खुशहाल, उन्नति, एकता, मानसा, बालाजी, जगदंबा, नारी, संघर्ष और दुर्गा स्वयं सहायता समूह।

बुरांश महोत्सव में कवियों ने सुनाए पहाड़ के दुखड़े
रामनगर (नैनीताल)। नवप्रभात सोसाइटी की ओर से आयोजित तीन दिनी बुरांश महोत्सव में उत्तराखंडी लोकभाषाओं में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी कविताओं में पहाड़ के दुखड़े बयां किए। पर्वतीय सभा लखनपुर में शनिवार को आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ अरविंद गुसांई, हेम भट्ट ने किया। धर्मेंद्र सिंह नेगी ने ‘हक हकूक अर बांठु छोड़ी ऐगेनी’, विजय जमवाल ने ‘कथ गो म्यर पहाड़, ऊ भैंस ऊ ढोर’, भुवन चंद्र पपनै ने ‘सिध साद पहाड़ अणकसै हैगो’, गिरीश सनवाल पहाड़ी ने ‘क्वे कुछु त्यर पहाड़’ की प्रस्तुति दी। रविवार को कानिया रामलीला मैदान में लोकगायक गिरीश सनवाल पहाड़ी, गायिका हेमा नेगी करासी, शकुंतला रमोला की प्रस्तुति होगी। इस दौरान सोसाइटी के अध्यक्ष तेजेश्वर घुघत्याल, सुबोध चमोली, रोहित नेगी, सुरेश घुघत्याल, विक्रम भट्ट, मनीष कुमार, तरुण बिष्ट, मनमोहन बिष्ट आदि थे।

ऊंचापुल में बही लोकसंस्कृति की बयार
हल्द्वानी। रामलीला मैदान उंचापुल में चल रहे उत्तरायणी मेले में कलाकारों ने लोकगीत और लोकनृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले का शुभारंभ नीरज तिवारी, सुमन लटवाल, ममता जोशी, योगेश तिवारी, मदन बिष्ट, भुवन कर्नाटक ने किया।
मेले में चित्रकला, मेहंदी, ऐपण प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। महिलाओं ने सुंदर ऐपण तैयार किए। स्थानीय तथा स्कूली बच्चों द्वारा नृत्य और गीत पेश किए गए। सायंकालीन संध्या में लोक गायक अमित बाबू गोस्वामी, जगदीश उपाध्याय, गोकुल फर्त्याल, नंद किशोर पांडे ने गीत संगीत से भरपूर गीतों से खूब वाहवाही लूटी। मेले में अध्यक्ष पीएस बिष्ट, गोपाल सिंह धौनी, भोला दत्त भगत, भूपेंद्र चौधरी, शंकर कांडपाल, हरीश कोठारी, प्रकाश पटवाल, मुन्ना भोजक, त्रिवेणी पांडेय आदि सहयोग कर रहे हैं। लीला कोठारी, हेमा पतलिया, मधु बिष्ट, ममता जोशी, हेमा चिलवाल, लीला मनराल, अनीता जोशी, प्रीति भगत ने भी कार्यक्रम पेश किए। संचालन प्रमोद पंत, मनोज जोशी ने किया।
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चित्रकला प्रतियोगिता
प्रथम : बीनू जोशी, द्वितीय: यशंशि कांडपाल, तृतीय: भावेश तिवारी।
ऐपण : रीता पांडे प्रथम, दीपा कर्नाटक द्वितीय, लीला कोठारी तृतीय।
शंख बजाओ : गौरव मेलकानी प्रथम, विनय पांडे द्वितीय, हर्षित तृतीय।
मेहंदी : गायत्री भट्ट प्रथम, मंजू पडलिया द्वितीय, रीतिका बिष्ट तृतीय।
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