हल्द्वानी। अवैध खनन को रोकने के नाम पर अब निजी नाप भूमि, वन क्षेत्र में नए खनन क्षेत्रों की अनुमति देने की तैयारी की जा रही है। शासन ने बाकायदा इसके लिए डीएम को क्षेत्र में खनन के लिए इस तरह की नए क्षेत्रों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
औद्योगिक विकास के प्रमुख सचिव आनंदवर्द्धन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक डीएम को राजस्व, निजी नाप, वन भूमि में स्थित नए खनन क्षेत्रों को चिह्नित करना है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर जिले में ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने के लिए समिति तक का गठन कर दिया गया है। प्रमुख सचिव की ओर से जारी 17 अगस्त के आदेश के तहत अब ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई भी क्षेत्र छूटना नहीं चाहिए। जिला स्तर पर गठित समिति के अध्यक्ष एसडीएम एपी बाजपेयी के मुताबिक समिति में डीएफओ का प्रतिनिधि, खान अधिकारी, भू वैज्ञानिक, सिंचाई विभाग के अधिकारी शामिल हैं। शासन की ओर से जारी पत्र में यह भी साफ कहा गया है कि कोई क्षेत्र अगर चिह्नित नहीं हो पाता तो इसकी जिम्मेदारी समिति के अध्यक्ष, एसडीएम की होगी। कहा तो यह जा रहा है कि ऐसा अवैध खनन को रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही इसके लिए यह भी तर्क दिया गया है कि इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा। अभी तक की स्थिति को देखें तो निजी नाप भूमि और वन क्षेत्र में खनन के पट्टों के नाम पर होने वाले खनन में पर्यावरणीय मानकों का कम ही पालन किया जाता है। कहा यहां तक जाता है कि सबसे अधिक अवैध खनन निजी नाम भूमि के खनन पट्टों के नाम पर होता है।