भवाली (नैनीताल)। यहां स्थित गोल्ज्यू देवता के मंदिर में हर भक्त द्वारा चढ़ाई गई घंटी इस बात का तरफ इशारा करती है, कि उन्हें न्याय मिला या फिर उनकी मनोकामना पूरी हुई। न्याय मांगने या किसी मनोकामना के लिए यहां देश-विदेश के लोग हालांकि सालभर पहुंचते रहते हैं, लेकिन हिंदू प्रतिपदा नव वर्ष चैत्र नवरात्र में न्याय एवं मनोकामना का महत्व और बढ़ जाता है। इस कारण चैत्र नवरात्र शुरू होते ही मंदिर भक्तों से घिरा रहता है।
भवाली से करीब तीन किमी आगे घोड़ाखाल में गोलू देवता का मंदिर है। गोल्ज्यू को न्याय का देवता कहा जाता है। यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है, इसके बाद भक्तों की ओर से यहां घंटी चढ़ाई जाती है। इस कारण यहां हर साल घंटियों की संख्या में बढ़ोतरी होती जाती है। अगले नौ दिनों में भी यहां टंगी हजारों घंटियों की संख्या में लगातार इजाफा होता रहेगा, इस घंटियां गोल्ज्यू की ख्याति भी बयां करती है। मंदिर में घंटी चढ़ाने का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि देश के कई हिस्सों से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं के अलावा नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोईराला, अंग्रेज जनरल विलर, नेमिल डेंट भी यहां घंटियां चढ़ा चुके हैं।
बता दें कि मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही गेट से पूरे मंदिर परिसर में अनगिनत घंटियां टंगी हैं। मंदिर का कोई ऐसा कोना नहीं है, जहां कोई घंटी टंगी नहीं मिले। यह इस बात का प्रमाण है कि भक्तों में गोल्ज्यू देवता के प्रति कितनी आस्था है।
‘हर घंटी कहती है, मुझे न्याय मिला गोल्ज्यू’
चैत्र नवरात्र : घोड़ाखाल मंदिर में भक्तों की भीड़ शुरू
पहले दिन काफी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
नवरात्र के पहले दिन शनिवार को गोल्ज्यू देवता के मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और मन्नत मांगी। नवरात्र के चलते मंदिर परिसर के बाहर दर्जनों दुकानें सज चुकी हैं। भक्तों के लिए मंदिर में कई व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के पुजारी कुंवर नंदन जोशी ने बताया सुबह 7 बजे से देर शाम तक पूजा की जाएगी। अष्टमी-नवमी के दिन भक्तों को भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।