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तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था एचएमटी का उदघाटन

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एचएमटी
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हल्द्वानी। अविभाजित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने वर्ष 1982 में रानीबाग में एचएमटी घड़ी कारखाने की नींव रखी थी। कारखाना स्थापित हुआ तो तिवारी के प्रयासों से ही वर्ष 1985 में इसका उद्घाटन करने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी रानीबाग आए। तिवारी ने सत्ता में रहते कभी भी इस फैक्ट्री में ताला नहीं लगने दिया लेकिन तिवारी के सत्ता से हटते ही फैक्ट्री के दुर्दिन शुरू हो गए।
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वर्ष 1980 के दशक में घड़ी के बाजार में एचएमटी प्रतिष्ठित ब्रांड था। एचएमटी की घड़ियां लोगों की कलाई की शान होती थीं। घड़ी भी बुकिंग कराने के महीनेभर तक इंतजार के बाद मिलती थी। रानीबाग में एचएमटी की करीब 91 एकड़ भूमि है। इसमें 61 एकड़ भूमि उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की है, बाकी 30 एकड़ प्रदेश सरकार की लीज भूमि है। लगभग एक दशक तक फैक्ट्री खूब फली फूली। यहां लगी पांच सौ से अधिक मशीनों में 512 कर्मचारियों को रोजगार मिला, लेकिन गुजरे वक्त में कुप्रबंधन और प्रतिस्पर्धा के साथ एचएमटी का वजूद खत्म होता चला गया। फैक्ट्री प्रबंधन ने एचएमटी को बंद करने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों के मुखर विरोध के चलते एचएमटी छह जनवरी 2016 तक सांस लेती रही। जनवरी 2016 में एचएमटी कारखाने में मशीनों की आवाज थम गई और एचएमटी प्रबंधन ने कर्मचारियों के लिए वीआरएस का विकल्प खोल दिया। कुल 366 कर्मचारियों ने वीआरएस भी ले लिया। 31 मार्च 2017 वीआरएस आवेदन की कट ऑफ डेट थी। इसके बावजूद 146 कर्मचारियों ने वीआरएस नहीं लिया और फैक्ट्री को बचाने की लड़ाई लड़ते रहे। शुक्रवार को फैक्ट्री प्रबंधन ने उक्त सभी कार्मिकों को बर्खास्त कर फैक्ट्री में हमेशा के लिए ताले लगा दिए।



91 एकड़ भूमि, 500 मशीनें, 512 कर्मचारी
तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था एचएमटी का उद्घाटन

बीमार उपक्रमों में शामिल थी फैक्ट्री
हल्द्वानी। केंद्र सरकार ने बीमार उपक्रमों की नीलामी के लिए सितंबर 2016 में नेशनल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को नामित किया। इनमें एचएमटी भी शामिल थी। एनबीसीसी ने बंगलूरू स्थित एचएमटी कारखाना नीलाम कर दिया। नीलामी में इसरो और गेल ने एचएमटी की भूमि खरीद ली। बंगलूरू के बाद एचएमटी रानीबाग कारखाने की नीलामी की बारी आई तो एचएमटी कर्मचारी यूनियन ने नीलामी से पूर्व कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर हाइकोर्ट से स्टे ले लिया। इससे नीलामी की प्रक्रिया कुछ समय के लिए टल गई थी।
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युवाओं की उम्मीदों का पहाड़ का सबसे बड़ा उद्योग था एचएमटी
हल्द्वानी। एचएमटी घड़ी कारखाना पहाड़ का सबसे बड़ा और प्रमुख उद्योग था। इस उद्योग के खुलने से पहाड़ के बेरोजगार युवाओं को अपने सुनहरे भविष्य की आस जगी थी। युवाओं को भरोसा था कि यह उद्योग खूब फले फूलेगा। पहाड़ की बेरोजगार, पलायन पर रोक लगाने में अहम साबित होगा, लेकिन दुर्भाग्य रहा कि आज पहाड़ का यह एकमात्र प्रतिष्ठित, सबसे बड़ा उद्योग हमेशा के लिए बंद हो गया है, जिससे पहाड़ के लोगों को खासी निराशा हुई है।
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रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री अच्छी जगह पर स्थित है। इसका पुनरोद्धार किया जाएगा, जिससे लोगों को रोजगार मिले।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री।
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