हल्द्वानी। निकाय चुनाव ही नहीं बल्कि निकायों के कामकाज के मामले को लेकर छाया कुहासा दूर नहीं हो पा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी निकायों की बागडोर अभी जिलाधिकारियों के हाथ में हैं। इसी तरह चुनाव को लेकर भी अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।
हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रदेश में जिलाधिकारियों को निकायों में प्रशासक बनाने संबंधी सरकार की अधिसूचना को निरस्त करने का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक जून को जारी कर दिया था। मंगलवार को यह मामला खुलकर सामने आया कि हाईकोर्ट ने प्रशासक संबंधित अधिसूचना निरस्त कर दी है। इस आदेश के बावजूद अभी तक निकायों की कमान जिलाधिकारियों के हाथ में है। जिलाधिकारी विनोद सुमन के मुताबिक अभी तक शासन का आदेश नहीं मिला है।
दूसरी ओर अभी यह भी साफ नहीं हो पाया है कि हाईकोर्ट के इस आदेश को सरकार विशेष याचिका के जरिये चुनौती देगी या नहीं। सूत्रों का कहना है कि अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर, निकाय चुनाव को लेकर भी अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। प्रदेश में समय से निकाय चुनाव कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक समय चुनाव जल्द होने के आसार भी बने थे लेकिन इसमें अब परिसीमन और आरक्षण का पेच फंस गया है। अभी परिसीमन का ही मामला पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है। अब हाईकोर्ट निकाय चुनाव से संबंधित मुद्दों को प्रति दिन सुनवाई में लेने की तैयारी भी कर रही है।