हल्द्वानी। कुमाऊं में पीएनबी के दो सौ करोड़ रुपये का एनपीए (नॉन परफॉरमिंग एसेट्स) है। इसमें अकेले 150 करोड़ रुपये ऊधमसिंह नगर जिले में है। इस डूबी रकम को निकालने के लिए पीएनबी ने अलग से विभाग बनाया है।
पंजाब नेशनल बैंक अब एनपीए की वसूली के लिए जोर लगाने में जुटा है। बैंक का कुमाऊं में सबसे अधिक एनपीए ऊधमसिंह नगर जिले में है, जो करीब 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। एनपीए के दायरे में ऊधमसिंह नगर की लगभग 25 से 30 फर्में हैं। खास बात यह है कि दो फर्मों पर 50 से 60 करोड़ रुपये का बकाया हैं। एनपीए की वसूली के लिए पंजाब नेशनल बैंक ने ‘स्ट्रेस्ड एसेट वर्टिकल’ नाम से नया विभाग बनाया है। विभाग का काम एनपीए की वसूली का होगा। एनपीए वसूली के लिए कारपोरेट से लेकर शाखा स्तर तक विभाग में तेजतर्रार और अनुभवी अधिकारियों को तैनात किया गया है। विभाग एक जून से प्रभावी हो गया है।
ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक है एनपीए, 25 से 30 बड़ी फर्मों पर बकाया
एनपीए वसूली के लिए पीएनबी ने बनाया अलग विभाग
स्ट्रेस्ड एसेट वर्टिकल में हैं तेजतर्रार अधिकारी
20 अधिकारी-कर्मचारी करेंगे गांधीगीरी
हल्द्वानी। एनपीए वसूली के लिए 20 अधिकारी-कर्मचारियों की टीम सभी लोन लेने वालों के पास जाएगी। साथ ही उनसे कर्ज अदा करने का आग्रह करेगी। कर्ज न चुकाने वाले कर्जदारों के समक्ष गांधीगीरी भी दिखाई जाएगी। कर्ज न देने से ग्राहकों को होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा।
कुमाऊं में लगभग दो सौ करोड़ रुपये का एनपीए है। किसी कर्जदाता की अगर वास्तविक समस्या है तो बैंक हरसंभव मदद करता है। इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि लोग भाग सकते हैं। न्यायालय में ऐसे लोगों के पासपोर्ट जब्त करने का आग्रह किया जाता है।
-गजेंद्र कुमार नेगी, सर्किल हेड, पंजाब नेशनल बैंक