द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। डढोली, भौरा, मायापुरी और गौचर क्षेत्र में पिछले एक माह से पेयजल आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीण गुस्से में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों से गुुहार के बावजूद धर्मगांव पेयजल योजना का पुनर्गठन नहीं किया गया है, जिसके चलते ग्रामीण इलाकों में आए दिन पानी की समस्या बनी रहती है। जबकि इसी योजना से इंजीनियरिंग कालेज में आपूर्ति हो रही है।
गर्मियों के मौसम में इन गांवों में पानी की समस्या गहराने लगती है। इस बार बारिश के बावजूद पिछले एक माह से गांवों में पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीण पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। राज्य आंदोलनकारी वीरेंद्र बजेठा ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक और लिखित सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इंजीनियरिंग कालेज में आपूर्ति हो रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर तक नहीं भेजे जा रहे हैं। मालूम हो कि इन गांवों के लिए 1996-97 में धर्मगांव पेयजल योजना का निर्माण किया गया था, इससे इंजीनियरिंग कालेज भी जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार योजना के पाइप जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, आए दिन लाइनें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिस कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जल संस्थान का कार्य सिर्फ बिल वसूली तक सीमित है।
ग्रामीणों ने जल निगम के अधिशासी अभियंता को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का अधिकांश समय पानी जुटाने में खर्च हो रहा है। इधर अनिता बजेठा, गीता बजेठा, सावित्री देवी, राम सिंह, धनुली देवी, राधा देवी, कौशल्या बजेठा, जीवन सिंह, भगवती देवी, माया देवी आदि ने शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।