द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बिंता क्षेत्र के नागैर गांव में एक ग्रामीण के गोठ(गोशाला) में जन्मे तेंदुए के दो बच्चों में से अब केवल एक ही बच्चा रह गया है। अनुमान है कि मादा तेंदुआ एक बच्चे को रात में अपने साथ ले गई होगी। इधर वन विभाग सोमेश्वर रेंज की टीम ने देर शाम वहां निरीक्षण किया। डिप्टी रेंजर चंद्रशेखर भट्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बताया कि शावक तेंदुए के ही हैं, जिनकी उम्र चार दिन से एक सप्ताह के बीच की है। वन विभाग की टीम वहां रात में भी तैनात रहेगी।
बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने विनोद जोशी के खाली गोठ में तेंदुए के दो बच्चों को देखा, जिसके बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त है। मादा तेंदुआ भी लगातार उस क्षेत्र में सक्रिय है। ग्रामीणों का कहना है वह कभी भी ग्रामीणों पर हमला कर सकती है। वन विभाग की टीम बुधवार देर शाम वहां पहुंची। इधर आज सुबह भी टीम ने राजस्व पुलिस की टीम के साथ निरीक्षण किया, लेकिन अब गोठ में सिर्फ एक ही बच्चा है। डिप्टी रेंजर चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि एक बच्चे को को मादा तेंदुआ अपने साथ ले गई होगी। उसके पदचिन्हों के निशान भी वहां पाए गए हैं।
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए विभाग की टीम रात में भी वहां निगरानी करेगी। इधर ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। वन विभाग की टीम में दरोगा देवेंद्र सिंह, धारा बल्लभ जोशी, पूरन राम और राजस्व उप निरीक्षक नवीन चंद्र आदि थे।
फोटो: 19 आरकेटी 04पी: नागैर गांव में निरीक्षण करती वन विभाग की टीम