रानीखेत/भिकियासैंण(अल्मोड़ा)। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला सम्मेलन में पहाड़ के गिरते व्यवसाय पर चिंता जताई गई, इसके लिए बेतहाशा हो रहे पलायन को कारण बताया गया। सरकार से पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग भी उठाई गई। सम्मेलन में पहुंचे व्यापारियों की समस्याएं भी सुनी गईं। जिलाध्यक्ष मोहन नेगी ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई, कहा कि टैक्स तो वसूला जाता है, लेकिन सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।
स्याल्दे में आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि व्यापारी हितों के लिए एकजुट होने की जरूरत है। संगठन मजबूत होगा तो समस्याएं भी हल होंगी। जिलाध्यक्ष मोहन नेगी ने कहा जिला पंचायत टैक्स वसूलती है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर छोटे कस्बों में न तो शौचालय बने हुए हैं और ना ही कूड़ा निस्तारण की सुविधा है। जिसके चलते आम नागरिकों को परेशानी होती है। कहा कि सुविधाएं नहीं तो टैक्स नहीं की नीति पर काम करना होगा।
वक्ताओं ने पहाड़ से निरंतर हो रहे पलायन पर चिंता जताई। कहा कि पलायन के कारण पहाड़ का व्यवसाय निरंतर गिर रहा है। आने वाले पांच से दस सालों के भीतर स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। तय हुआ कि पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग को लेकर सरकार के नुमाइंदों से भी मुलाकात की जाएगी। व्यापारियों की समस्याओं को शासन के समक्ष रखने पर भी सहमति बनी। अध्यक्षता दर्शन जोशी ने की।
सम्मेलन में प्रदेश संगठन मंत्री मनोज अग्रवाल, दिनेश कबडवाल, जिला महामंत्री गिरीश वैला, पूरन सिंह बिष्ट, पान सिंह जीना, राजेंद्र रौतेला, नंदन सिंह, अरुण पपनोई, राजकुमार, प्रताप नेगी, हर्ष पंत, कामराने कुरेशी सहित तमाम लोग मौजूद थे।