हल्द्वानी। ट्रेन में रखकर कर चोरी का माल लाने का खेल आखिर पुलिस ने पकड़ लिया। बनभूलपुरा पुलिस ने तीन पिकअप में भरकर ले जाए जा रहे सामान को रेलवे बाजार रोड से पकड़ा है। चालकों से पूछताछ के दौरान एक ट्रांसपोर्टर का नाम सामने आया है। यह ट्रांसपोर्टर दून के एक राज्य कर अधिकारी का रिश्तेदार बताया जाता है। माल राज्य कर अधिकारियों को सुपुर्द कर वाहनों का चालान किया है।
सीओ सिटी दिनेश चंद्र ढौडियाल के नेतृत्व में बनभूलपुरा थाना पुलिस और एसओजी ने बुधवार की सुबह ताज चौराहे के पास से तीन पिकअप संख्या यूके 04 सीबी 1716, यूके 04 सीबी 1372 और यूके 04 सीए 5277 को पकड़ा। तीनों में कपड़े, जूते आदि माल भरा था। जब चालकों से माल के बिल दिखाने को कहा तो उन्होंने किराये का वाहन बताकर पल्ला झाड़ लिया। हालांकि पूछताछ में सामने आया कि लाइन नंबर एक में ट्रांसपोर्ट चलाने वाले एक ठेकेदार का माल है। आशंका जताई जा रही है कि सुबह आने वाली दिल्ली से आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस से यह माल पहुंचा था। सूचना पर राज्य कर अधिकारी दीप चंद्र लोहनी मौके पर पहुंच गए। जब पुलिस ने राज्य कर अधिकारी से इस माल पर कर चुकाए जाने की जांच करने को कहा तो व्यवसायियों से बिल मंगाने की बात कह कर टाल दिया। दोपहर तक प्रशिक्षु आईएसएस सौरभ और सीओ ढौडियाल राज्य कर अधिकारियों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। बाद में पुलिस ने इस माल को राज्य कर अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया। इधर राज्य कर अधिकारियों का दावा है कि इस माल के बिल वगैरह की जांच की जा रही है अगर बिना कर चुकाए मिलता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रवर्तन ने माल ले लिया है, उप आयुक्त राहुल वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जो आज वीडियोग्राफी में इसकी जांच करेगी। यदि कर चोरी का माल होगा तो जुर्माना और कड़ी कार्रवाई होगी। - पीएस डुंगरियाल, संयुक्त आयुक्त राज्य कर कुमाऊं
पुलिस को काफी दिनों से इसकी सूचना मिल रही थी, बुधवार को पुलिस ने छापामारी कर माल को पकड़ा है इसे राज्य कर विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। - दिनेश चंद्र ढौडियाल, सीओ हल्द्वानी
राज्य कर विभाग सवालों के घेरे में
पुलिस की कार्रवाई के बाद राज्य कर विभाग सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है। पुलिस की मानें तो लंबे समय से खुलेआम ऐसा हो रहा है।। बनभूलपुरा में सभी को इसकी भनक नहीं थी लेकिन राज्य कर विभाग को इसकी जानकारी नहीं होना कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है।