हल्द्वानी। गौला खनन मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। अब खनन मजदूरों को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल नहीं जाना होगा। वन निगम साप्ताहिक बंदी के दिन निकासी गेटों पर ही शिविर लगाकर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगा।
गौला नदी में 10,000 मजदूर खनन करते हैं। इन मजदूरों की सेहत का जिम्मा वन विकास निगम के कंधों पर होता है। श्रमिक कल्याण के अंतर्गत वन निगम खनन के दौरान बाकायदा एक अस्पताल संचालित करता है। इस अस्पताल में खनन मजदूरों का उपचार किया जाता है। पिछले कई सालों से देखने में आया था कि अस्पताल गौला नदी से काफी दूर होने पर आमतौर पर श्रमिक उपचार के लिए अस्पताल नहीं जाते हैं। श्रमिक खनन निकासी गेटों के आसपास ही उपचार करा लेते हैं। इधर वन निगम ने अब मजदूरों को निकासी गेटों पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की योजना बनाई है। योजना के तहत साप्ताहिक बंदी के दिन अलग अलग निकासी गेटों पर स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक मजदूरों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। यानी लालकुआं उप प्रभाग में बुधवार को हल्द्वानी उप प्रभाग में शनिवार के दिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला लौंगिंग प्रबंधक लालकुआं एनके वार्ष्णेय ने बताया कि अब गेटों पर ही शिविर लगाए जाएंगे।