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अब जुलाई के रिटर्न पर 4200 का जुर्माना देना होगा

Mon, 16 Oct 2017 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
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हल्द्वानी। जीएसटी पोर्टल की तकनीकी कमियों का खामियाजा कारोबारियों को जुर्माना भर कर झेलना होगा। पोर्टल बंद होने से कारोबारी जुलाई का रिटर्न जमा नहीं कर पा रहे हैं, दूसरे सितंबर की मीयाद होने के बाद भी 800 रुपये जुर्माने पर ही रिटर्न जमा हो रहा है। इससे हजारों कारोबारियों को लाखों की चपत लग सकती है।
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जीएसटी राज्य कर विभाग के साथ ही पेशेवरों, कारोबारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। वाणिज्य कर के अधिवक्ता सुमित गुप्ता के मुताबिक जुलाई की जीएसटी आर 1 जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्तूबर थी। इसके बाद 200 रुपये रोजाना पर रिटर्न जमा होता है लेकिन जीएसटी पोर्टल में रिटर्न जमा करने का विकल्प बंद कर दिया गया है। अब अगर 30 अक्तूबर को पोर्टल दोबारा रिटर्न जमा करता है तो 4200 से ज्यादा जुर्माना देना होगा। इसी तरह सितंबर की जीएसटी आर 3 बी जमा करने की अंतिम तिथि 20 अक्तूबर है लेकिन पोर्टल इसे जमा नहीं कर रहा है। यह रिटर्न 800 रुपये जुर्माने के साथ ही आन लाइन जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि समाधान अपनाने वाले कारोबारियों का भी बुरा हाल है। समाधान वाले कारोबारियों को 18 अक्तूबर तक जीएसटी रिटर्न जमा करना था, जिसकी अंतिम तिथि को 15 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। मगर यहां भी पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से समाधान रिटर्न भी पोर्टल पर नहीं दिखा रहा है। इस तरह जीएसटी में रिटर्न भरना कारोबारियों को दिक्कत हो गई है। इधर राज्य कर विभाग ने इसे सिरे से खारिज किया है। जुलाई अगस्त, सितंबर वाले कारोबारियों को अक्तूबर में जीएसटी 4 जमा करना है। इसी तरह सितंबर का रिटर्न भी बिना जुर्माने के जमा करना होगा।

जुलाई का जीएसटी आर 3 बी में जुर्माना है, सितंबर में कोई जुर्माना नहीं है। समाधान में सिर्फ जुलाई, अगस्त, सितंबर में अपनाने वाले कारोबारी ही जमा कर सकते हैं, अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर में कोई अपनाएगा तो उसे जनवरी में रिटर्न करना होगा। - वीपी ओझा, सहायक आयुक्त, राज्य कर आयुक्त, हल्द्वानी।
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