हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने बीएसएसी, बीए और बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर में फेल होने वाले करीब 20 हजार छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है। यह फैसला एमबीपीजी कॉलेज के बीएससी द्वितीय सेमेस्टर में एक हजार से अधिक छात्रों के फेल होने पर मचे हंगामे के बाद लिया गया। हालांकि स्नातक प्रथम सेमेस्टर और द्वितीय सेमेस्टर में विद्यार्थी जिस विषय में फेल हुए थे, उस विषय की परीक्षा उन्हें सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ देनी होगी। एमबीपीजी कॉलेज ने स्नातक द्वितीय सेमेस्टर से तृतीय सेमेस्टर में प्रमोट छात्र-छात्राओं के दाखिले के लिए 22 से 27 सितंबर तक की तिथि निर्धारित की है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने सोमवार की शाम बीएससी द्वितीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित किया था। इसमें 1300 में से एक हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे। इससे छात्रों में आक्रोश फैल गया था। मंगलवार को इसे लेकर कॉलेज में जमकर हंगामा हुआ था। बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल को अपने प्रतिनिधि के रूप में प्रोफेसर डॉ. अतुल जोशी को एमबीपीजी कॉलेज में छात्रों की बात सुनने के लिए भेजना पड़ा था। डॉ. जोशी ने छात्रों से दो दिन की मोहलत मांगी थी और उन्हें छात्रहित में फैसला होने का भरोसा दिया था। प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने बताया कि कुलपति के साथ इस मुद्दे पर हुई बैठक में फेल छात्रों को प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि इससे पहले जून में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में फेल होने पर छात्रों को द्वितीय सेमेस्टर में प्रमोट किया गया था।
22 से 27 सितंबर तक दाखिले होंगे
प्राचार्य ने बताया कि बीएससी, बीए और बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर में फेल विद्यार्थियों के 22 सितंबर से 27 सितंबर तक दाखिले होंगे। इसी अवधि में विद्यार्थियों को दाखिला लेने के साथ ही शुल्क भी जमा करना होगा। उप मुख्य शास्ता डॉॅ. विनय विद्यालंकार ने बताया कि स्नातक तृतीय सेमेस्टर में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का परिचयपत्र भी 27 सितंबर तक ही बनाया जाएगा, इस तिथि के बाद न तो कोई दाखिला होगा और न ही किसी छात्र का परिचयपत्र बनेगा। यह कार्य छात्रसंघ निर्वाचन प्रक्रिया के उपरांत ही होगा।