हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य ने सत्र 2016-17 के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष निर्वाचित नीरज मेहरा का प्रवेश निरस्त कर दिया है। नीरज ने गलत शपथपत्र दाखिल कर बीए तृतीय वर्ष में प्रवेश लिया था। प्रवेश निरस्त होने के साथ ही छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज का निर्वाचन भी अयोग्य हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने यह फैसला बृहस्पतिवार को हाइकोर्ट के आदेश पर लिया। इस मामले में एबीवीपी के प्रत्याशी रहे विजय जोशी ने हाइकोर्ट में विशेष याचिका दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने कॉलेज प्रशासन को निर्णय लेने के आदेश दिए थे। इधर, कार्रवाई से पहले प्राचार्य से एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रसंघ अध्यक्ष समर्थकों की काफी बहस हुई।
प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने छात्रसंघ अध्यक्ष नीरज मेहरा निवासी चौपुला चौराहा दमुवाढूंगा का प्रवेश निरस्त करने का आदेश बृहस्पतिवार को अपराह्न बाद जारी किया। उन्होंने कहा कि नीरज को 15 सितंबर को ही बता दिया गया था कि उन्होंने (नीरज) ने महाविद्यालय में सत्र 2015-16 में प्रवेश लेने के लिए तथ्यों को छुपाया और गैप ईयर के संबंध में गलत शपथपत्र प्रस्तुत कर धोखाधड़ी से प्रवेश प्राप्त किया। इस संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए नीरज को 15 सितंबर तक का समय दिया गया था, यह अवधि बीतने के बाद 19 सितंबर को नीरज मेहरा ने महाविद्यालय को एक पत्र भेजा कि उसके बड़े भाई का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह महाविद्यालय आने में असमर्थ है। प्राचार्य ने प्रवेश निरस्तीकरण आदेश में कहा है कि कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख तथा शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की जांच से स्पष्ट होता है कि नीरज ने धोखाधड़ी से सत्र 2015-16 में प्रवेश लिया। कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रवेश नियम 1- 7 (ख) के अंतर्गत धोखाधड़ी से प्रवेश लेने के कारण नीरज मेहरा का प्रवेश निरस्त किया जाता है। धोखाधड़ी से इस अवधि में छात्रसंघ अध्यक्ष के पद का अधिकार स्वत: समाप्त हो जाता है। प्राचार्य ने बताया कि प्रवेश निरस्त करने का आदेश प्राप्त कराने के उपरांत अधिवक्ता के माध्यम से हाइकोर्ट को भी इस संबंध में सूचित कर दिया है। लिंगदोह समिति के नियमों के तहत छात्रसंघ अध्यक्ष पद का कार्यकाल 30 जून 2017 को समाप्त हो चुका है।
नीरज मेहरा का प्रवेश निरस्त करने का फैसला सुनाने पर शाम को विद्यार्थी परिषद कार्यालय पर आतिशबाजी कर खुशी मनाई गई। कार्यकर्ताओं ने मिठाई भी बांटी। विद्यार्थी परिषद से वर्ष 2016 -17 के छात्रसंघ चुनाव मेें अध्यक्ष प्रत्याशी रहे विजय जोशी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर न्याय मिल सका है।