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हल्द्वानी: राजकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के 112 पद खाली, फैकल्टी की कमी से सेवाएं प्रभावित

Fri, 30 Oct 2026 12:03 PM IST
Heera अमित उप्रेती

सार

हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के 398 स्वीकृत पदों में से 112 खाली हैं। 
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राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शुमार राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में शिक्षकों के 398 स्वीकृत पदों में से 112 खाली हैं। इसका असर चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर मरीजों को मिलने वाली विशेषज्ञ सेवाओं तक पर पड़ रहा है। हालात यह हैं कि नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और यूरोलॉजी जैसे अहम सुपर स्पेशियलिटी विभागों में फैकल्टी नहीं है।

अभी हाल में पांच अक्तूबर को यहां खाली पदों के लिए इंटरव्यू भी आयोजित किए गए जिसमें जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग और नेत्र रोग समेत कई विभागों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरने की कवायद की गई। हालांकि वेतन और सुविधाएं होने के बावजूद चयनित आठ में से एक चिकित्सक ने भी जॉइनिंग नहीं ली। संवाद

 

सर्जरी और मेडिसिन विभाग में ज्यादा पद खाली

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कुल आंकड़ों में कॉलेज में विभिन्न विभागों में 12 प्रोफेसरों की कमी है। इसी तरह 44 एसोसिएट और 56 असिस्टेंट प्रोफेसर भी नहीं हैं। सबसे अधिक 15 पद जनरल सर्जरी में और 13 पद मेडिसिन विभाग में है। एनाटॉमी, फार्माकोलॉजी, टीबी चेस्ट, नेत्र विभाग, एनेस्थिसियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग में तीन-तीन पद, बायोकैमिस्ट्री, पैथोलॉजी, साइकेट्री, न्यूरो सर्जरी में दो-दो, माइक्रोबायोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन, बाल रोग में चार-चार, फिजियोलॉजी में पांच, रेडियोलॉजी में छह, यूरोलॉजी में एक, कम्युनिटी मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक में सात-सात पद प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली चल रहे हैं।

 

कुछ अन्य महत्वपूर्ण खाली पड़े प्रमुख विभाग

विभाग - खाली पदों की संख्या

जनरल मेडिसिन - 13

जनरल सर्जरी - 15

गायनी विभाग - 11

सरकारी मेडिकल कॉलेज में वेतन कम नहीं
मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर रैंक का वेतन 2,25,000, एसोसिएट प्रोफेसर का 1,65,000 और असिस्टेंट प्रोफेसर का वेतन 1,25,000 रुपये है। सुपर स्पेशियलिटी में प्रोफेसर को 3,50,000, एसोसिएट प्रोफेसर को 2,80,000 और असिस्टेंट प्रोफेसर को 1,84,000 रुपये तनख्वाह मिलती है। इसके अलावा हर साल इंक्रीमेंट छह हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक है।

एक प्रस्ताव तैयार हो रहा है, जिसमें हफ्ते का एक दिन निश्चित कर, हर हफ्ते इंटरव्यू होगा। यह प्रयोग नवंबर से लागू करने की योजना है। इसके लिए शासन से अनुमति लेनी शेष है। - डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड

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