हल्द्वानी। गौला नदी में उप खनिज में मिट्टी आने की शिकायतों के बाद भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों ने सर्वे शुरू कर दिया। शांतिपुरी के इमलीघाट से गोरापड़ाव तक नदी का सर्वे किया गया। टीम ने दस स्थानों पर नदी एक से दूसरे छोर तक उप खनिज की मौजूदगी की जांच की। सोमवार को बाकी चार गेटों का सर्वे किया जाएगा।
रविवार को भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के डॉ. एसएस श्रीमाली, इंजीनियर एसके शर्मा, शाश्वत कर, वन निगम के डीएलएम हल्द्वानी केएन भारती, डीएएलएम लालकुआं वाईके श्रीवास्तव की टीम ने शांतिपुरी के इमलीघाट से गौला नदी का सर्वे शुरू किया। टीम ने इमलीघाट, लालकुआं, देवरामपुर, हल्दूचौड़, बेरीपड़ाव, मोटाहल्दू और गोरापड़ाव का सर्वे किया। दस स्थानों पर नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक उप खनिज की मात्रा की जांच की गई। सोमवार को टीम शीशमहल, इंदिरानगर, राजपुरा, आंवला चौकी गेट का सर्वे किया जाएगा। टीम नदी में उपखनिज की स्थिति देखेगी। इस रिपोर्ट पर तय किया जाएगा कि कौन से गेट पर कितना उप खनिज है। साथ ही गौला से कितनी उप खनिज की निकासी की जाए। डीएलएम केएन भारती ने बताया कि सोमवार को भी सर्वे जारी रहेगा। इसके बाद टीम कुछ समय बाद अपनी रिपोर्ट तैयार कर निगम को देगी।
शांतिपुरी से गोरापड़ाव गेट तक हुआ गौला नदी का सर्वे
भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान की टीम ने शुरू किया सर्वे