हल्द्वानी। मरचूला शांकर भिकियासैंण में 30 अगस्त 2017 को बस पर 11 हजार केवी की लाइन गिरने के मामले में विद्युत सुरक्षा विभाग ने बिजली विभाग को दोषी माना है। साथ ही लाइन की मरम्मत की जिम्मेदारी विभाग या ठेकेदार को लेने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी।
30 अगस्त 2017 को गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन की बस (यूए 12-3887) किनात से रामनगर को जा रही थी। शांकर मरचूला के पास 11 हजार केवी की लाइन बस पर गिर गई थी। 11 हजार केवी की लाइन गिरने के कारण जमुली देवी और पूर्णानंद की मौत हो गई थी। जबकि प्रीति, आनंदी देवी, ज्योति, कार्तिक, मीनाक्षी घायल हो गए थे।
विद्युत सुरक्षा विभाग के मुख्य विद्युत निरीक्षक गिरीश पांडे ने बताया कि 11हजार केवी की लाइन टूटने के बाद दोबारा चालू हो गई थी। लोगों को बस से उतरने पर करंट लगा था। बताया कि लाइन टूटने के बाद दोबारा लाइन को चालू नहीं करना था। ऊर्जा निगम के जेई को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही ईई और दो एसडीओ ने मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि जांच कमेटी ने अजीब तथ्य रखे। जांच में कहा कि बस के गड्ढों में उछलने के कारण कंपन होने के कारण तार टूटा। साथ ही बसों की आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण हादसा हुआ। जांच कमेटी ने अनुरक्षण कार्य में कमी पाई। साथ ही कहा कि जेई और लाइनमैन न होने के कारण लाइन का निरीक्षण नहीं किया जा सका। ईई ने लाइन की मरम्मत के लिए ठेकेदार को जिम्मेदार बता दिया। ठेकेदार ने जवाब दिया कि लाइन की मरम्मत का काम उसके पास है और सबस्टेशन का नहीं। तार गिरने के बाद ब्रेकर ने काम नहीं किया और लाइन चालू रही। करार के अनुसार जेई की देखरेख में ही ठेकेदार काम या फेरबदल कर सकते हैं। बताया कि विभाग को जानकारी दी थी कि लाइन काफी पुरानी है और लोड ज्यादा है। लाइन को ठीक कराने को कहा था मगर विभाग ने आदेश नहीं किया। पांडे ने बताया कि लाइन की मरम्मत न होने के कारण हादसा हुआ। साथ ही ठेकेदार, एसई, ईई को दोषी माना क्योंकि मरम्मत का करार ठेकेदार से इन्होंने किया था। साथ ही कहा कि विभाग अनुरक्षण की जिम्मेदारी खुद ले या फिर ठेकेदार को दे।
मरम्मत न होने के कारण टूटी थी 11केवी लाइन
मरचूला में 30 अगस्त 2017 को बस पर 11केवी लाइन गिरने से दो लोगों की मौत हुई थी
विद्युत सुरक्षा विभाग ने बिजली विभाग को दोषी माना