फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आबादी के पास पहुंचेंगे गजराज-बाघ, फोटो पहुंचेगी वन विभाग के पास

विज्ञापन
फसल सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हल्द्वानी। वन विभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने के लिए अर्ली अलार्म सिस्टम बनाया है। इस योजना का ट्रायल हल्द्वानी वन प्रभाग में शुरू हुआ है। इसमें अर्ली अलार्म सिस्टम के तहत इंफ्रारेड कैमरे समेत अन्य उपकरण लगाए गए हैं। इसमें वन्यजीव के पहुंचने पर उसकी स्वचालित तरीके फोटो और एसएमएस वनाधिकारियों के पास पहुंच जाएंगे। चेतावनी देने के लिए अलार्म भी बजेगा। इसके बाद तत्काल वन विभाग वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विभागीय टीम तत्काल मौके की ओर रवाना हो जाएगी।
विज्ञापन

मानव-वन्यजीव टकराव कम करने की कई कोशिश की गई लेकिन कोई पूरी तरह सफल नहीं हो सकी है। अब वन विभाग ने संघर्ष रोकने के लिए हल्द्वानी वन प्रभाग के छकाता, शारदा रेंज में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर अर्ली अलार्म सिस्टम लगाया है। वनाधिकारियों के अनुसार इस सिस्टम में 20 मीटर के दायरे में आने वाले किसी भी वन्यजीव की तस्वीर, लोकेशन मोबाइल पर भेज देगा। सिस्टम में लगा सायरन तेज आवाज से आसपास के लोगों को सचेत कर देगा। यह सिस्टम वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून (डब्ल्यूआईआई) के सहयोग से लगाया गया है।


आबादी के पास पहुंचेंगे गजराज-बाघ तो फोटो पहुंचेगी वन विभाग के पास
वन विभाग ने लगाया अर्ली अलार्म सिस्टम


क्या है सिस्टम की विशेषता
अली अलार्म सिस्टम में इंफ्रारेड कैमरा, जीपीएस सिस्टम, लाइट, अलार्म लगाए गए हैं। सिस्टम के20 दायरे में आने वाले किसी भी जानवर या मनुष्य की गर्मी पर काम करता है। सिस्टम को मोबाइल से जोड़ा गया है। किसी भी जीव के 20 मीटर के दायरे में आने पर कैमरा फोटो खींचकर मोबाइल पर भेज देगा। सायरन भी बजने लगेगा। इससे आसपास के लोग सतर्क हो जाते हैं। एक सिस्टम पर करीब 60-70 हजार रुपये का खर्च आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अर्ली अलार्म सिस्टम कुछ क्षेत्रों में लगाया गया है। यहां से अच्छे परिणाम आ रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने सिस्टम लगाने की मांग की है।
- राजेश श्रीवास्तव, एसडीओ, शारदा रेंज, टनकपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें